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ज्यादा रिसाव होने पर जा सकती थी कईयों की जाने
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:09 AM IST
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खेमराज शर्मा
बिलासपुर।
बर्फ के कारखाने से अगर गैस का और ज्यादा रिसाव हो जाता तो कईयों की जान पर बन सकती थी। मंजर और भी भयावह हो सकता था। गैस लीकेज को रोकने मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम में शामिल अधिकारी ने बताया कि यह गैस घातक साबित हो सकती है। यदि दो मिनट तक लगातार इंसान इस गैस की चपेट में रहे तो उसकी मौत भी हो सकती है। सब्जी मंडी में लोगाें की मौजूदगी के दौरान बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, प्रारंभिक जांच के अनुसार कारखाने का लाइसेंस वर्ष 2017 में समाप्त हो चुका है, जिसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है।
दमकल विभाग के जिला फायर अधिकारी सुभाष चंद मिश्रा ने बताया कि सब्जी मंडी में अमोनिया गैस के गुबार खतरे की घंटी थे। समय रहते इलाके को खाली कराने से बड़े हादसे को टालना संभव हो पाया है। गैस से इंसानों पर प्रभाव पर उन्होंने बताया कि गैस से आंखों और शरीर पर जलन के अलावा सांस लेने में दिक्कत होती है। लगातार गैस के प्रभाव में रहने से दम घुटने से मौत हो जाती है। रविवार की घटना भीड़भाड़ वाले इलाके में होने से बड़ी त्रासदी हो सकती थी। रेस्क्यू टीम में शामिल
एसएफओ अश्वनी शर्मा ने धनीराम, हेमराज, सुनील व दोलाराम ने संयुक्त प्रयास से रात नौ बजे तक गैस के रिसाव को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया था। लेकिन कुछ गैस देर रात तक लीक हो रही थी। उधर, गैस रिसाव की घटना से पूरे शहर में सनसनी मच गई। देर रात तक इसी हादसे की चर्चा होती रही।
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बिलासपुर।
बर्फ के कारखाने से अगर गैस का और ज्यादा रिसाव हो जाता तो कईयों की जान पर बन सकती थी। मंजर और भी भयावह हो सकता था। गैस लीकेज को रोकने मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम में शामिल अधिकारी ने बताया कि यह गैस घातक साबित हो सकती है। यदि दो मिनट तक लगातार इंसान इस गैस की चपेट में रहे तो उसकी मौत भी हो सकती है। सब्जी मंडी में लोगाें की मौजूदगी के दौरान बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, प्रारंभिक जांच के अनुसार कारखाने का लाइसेंस वर्ष 2017 में समाप्त हो चुका है, जिसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है।
दमकल विभाग के जिला फायर अधिकारी सुभाष चंद मिश्रा ने बताया कि सब्जी मंडी में अमोनिया गैस के गुबार खतरे की घंटी थे। समय रहते इलाके को खाली कराने से बड़े हादसे को टालना संभव हो पाया है। गैस से इंसानों पर प्रभाव पर उन्होंने बताया कि गैस से आंखों और शरीर पर जलन के अलावा सांस लेने में दिक्कत होती है। लगातार गैस के प्रभाव में रहने से दम घुटने से मौत हो जाती है। रविवार की घटना भीड़भाड़ वाले इलाके में होने से बड़ी त्रासदी हो सकती थी। रेस्क्यू टीम में शामिल
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एसएफओ अश्वनी शर्मा ने धनीराम, हेमराज, सुनील व दोलाराम ने संयुक्त प्रयास से रात नौ बजे तक गैस के रिसाव को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया था। लेकिन कुछ गैस देर रात तक लीक हो रही थी। उधर, गैस रिसाव की घटना से पूरे शहर में सनसनी मच गई। देर रात तक इसी हादसे की चर्चा होती रही।
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