{"_id":"5ceebcd1bdec2207362d26bc","slug":"155914982420-bilaspur-news134","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीडीओ ने किया दुकानों का औचक निरीक्षण मचा हड़कंप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
बीडीओ ने किया दुकानों का औचक निरीक्षण मचा हड़कंप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
घुमारवीं(बिलासपुर)। विकास खंड अधिकारी कार्यालय घुमारवीं की ओर से बनाई गई दुकानों का बीडीओ ने औचक निरीक्षण किया। इस मौके पर बीडीओ ने रिकॉर्ड तलब किया जिसमें पाया गया कि अधिकांश दुकानों को सबलेट किया गया है। वहीं बीडीओ की कार्रवाई से यहां कारोबार करने वालों के अलावा जिन लोगों ने दुकानें सबलेट की उनमें हड़कंप मचा हुआ है। बीडीओ ने साफ कर दिया है कि जिन्होंने दुकानें सबलेट की हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बीडीओ जीतराम चौधरी ने कहा कि बीडीओ कार्यालय में लोगों के द्वारा कई बार शिकायत की गई थी कि जिन लोगों को दुकानें आवंटित की गई हैं उन्होंने आगे सबलेट करके दुकानों को किराये पर दिया हुआ है। कुछ दुकानदार ऐसे भी थे जिन्होंने अपना किराये का भुगतान नहीं किया है। विभाग के द्वारा जिन लोगों को दुकानें आवंटित की गई हैं और जो अपने किराये का भुगतान नहीं कर रहे हैं उन्हें अंतिम नोटिस दिया गया था कि अपने किराये का भुगतान करें। अगर फिर भी भुगतान नहीं किया तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि विकास खंड अधिकारी कार्यालय घुमारवीं ने यह दुकानें पंचायत समिति के माध्यम से लोगों को उपलब्ध करवाई हैं। यह दुकानें सन 1994-95 में लोगों को आवंटित की गई हैं। आवंटित दुकानें विकास खंड घुमारवीं की पंचायतों के उन लोगों को दी जाती हैं जो आईआरडीपी व गरीब परिवार से संबंध रखता हो। समिति के द्वारा जो किराया 1994-95 में लिया जाता था, वह ही किराया आज भी लिया जाता है। जिन लोगों को यह दुकानें आवंटित की गई हैं वह समय पर अपना किराया भी जमा नहीं करवाते हैं। समिति के पास कुल 14 दुकानें हैं जिनका किराया इन दुकानदारों के पास 547200 रुपये पर अदा करने को बनता है पर दुकानदार हैं जो अपना किराये का भुगतान समय पर नहीं करते हैं।
विज्ञापन
समिति के द्वारा इन दुकानों का जो किराया लोगों से वसूला जाता हैं वह 13 दुकानों का 250 रुपये है तथा एक दुकान का 100 रुपये है। इन 14 दुकानों का सबसे ज्यादा किराया जो एक दुकानदार को भुगतान करना है 76000 है तथा सबसे कम 6500 बनता है। कुछ दुकानदारों ने यह दुकानें आगे सबलेटिंग कर रखी हैं और उनसे 1000रुपये से लेकर 2500 रुपये किराये के रूप में वसूलते हैं।
पंचायत समिति की जो दुकानें किराये पर दे रखी हैं उनका निरीक्षण किया गया है जिसमें कई प्रकार की खामियां पाई गई हैं। जिन दुकानदारों ने अपना किराये का भुगतान नहीं किया है उन्हें भुगतान करने के लिए कहा जाएगा और जिन्होंने सबलेटिंग करके दुकानें आगे दी हैं उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।