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झंडूता से ज्योरीपतन जा रही निजी बस पलटी, 33 लोग घायल
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अमर उजाला ब्यूरो
झंडूता (बिलासपुर। झंडूता से ज्योरिपतन जा रही निजी बस बरोहा ज्योरिपतन सड़क पर खलसाय के पास शाम छह बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस सड़क से 250 फुट नीचे जाकर गिरी और पेड़ से टकरा कर रुक गई। हादसे में बस में सवार 33 लोगों को चोटें आई हैं जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता लाया गया। नौ गंभीर लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बहरहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार निजी बस झंडूता से ज्योरिपतन जा रही थी लेकिन जैसे ही बस खलसाय के पास पहुंची तो अचानक ही चालक बस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। इससे बस सड़क से नीचे खाई में उतर गई। घटना का पता चलते ही आसपास के लोग वहां पर पहुंच गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने अपने निजी वाहनों में घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया। बाद में एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई।
बस हादसे में घायल हुए लोगों का कहना है कि सरकारी बस न आने से निजी बस में काफी संख्या में लोग भरे हुए थे। बस ओवरलोड थी। घायलों का कहना है कि बस चालक ने सड़क पर पड़े गड्ढों से जैसे ही बस को बचाना चाहा तो चालक बस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा जिससे बस हादसे का शिकार हो गई।
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दुर्घटना का पता चलते ही स्थानीय विधायक जेआर कटवाल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम विकास शर्मा और पुलिस टीम मौके पर पहुंच कर राहत कार्यों में जुट गई। हालांकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही खंड चिकित्सा अधिकारी अरविंद टंडन ने अस्पताल में डॉक्टरों को तैनात कर दिया था। स्थानीय लोगों सुभाष चंदेल, शक्ति सिंह, बलकार और संजू ने अपने वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
इनसेट...
मोबाइल की लाइट में करना पड़ा घायलों का उपचार
इसे सरकार की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कहेंगे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में घायलों के उपचार मोबाइल की लाइट में करने पड़े। आलम यह था कि अस्पताल में बिजली ही नहीं थी। मजबूरी में गंभीर रूप से घायलों को मोबाइल की लाइट में प्राथमिक उपचार देना पड़ा। इससे बड़ी और विडंबना और क्या होगी कि मोबाइल की लाइट में घायलों का उपचार करना पड़ा। इससे यहां पर लोगों में भी खासा रोष पैदा हुआ।
इनसेट...
कम पड़ गए ग्लूकोज स्टेंड
इससे बड़ी विडंबना ओर क्या होगी की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में बस हादसे में घायल लोगों को ग्लूकोज स्टेंड तक नहीं मिल पाए। मजबूरी में एक स्टेंड में दो से तीन लोगों को ग्लूकोज लगाना पड़ा। यह पहला मामला नहीं है जब झंडूता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऐसा हुआ हो, इससे पहले भी यहां पर हादसे का शिकार लोगों को सही उपचार नहीं मिल पाया है।
इनसेट...
यह हुए हैं बस हादसे में घायल
घायलों में कर्म चंद खलसाय, हरदयाल सिंह नखलेहड़ा, नीना देवी घराण, कश्मीरा देवी समलेटू, सुनील कुमार अमरपुर, ब्राह्मी देवी मुसान, ब्यासा देवी खलसाय, मंजू कुमारी रछेड़ा, परसीनू देवी मातला, दिला राम लुरहड़, अति देवी समलेतु, निशा शर्मा कारवीं, विद्या देवी दाड़ी-बाड़ी, कविता देवी समलेतु, कश्मीर चंद बरोटा, अमरती देवी रछेड़ा, आंचल रछेड़ा, पूजा शर्मा नखलेहड़ा, अंजू रौना, रीमा देवी दाड़ी-बाड़ी, पूजा दाड़ी-बाड़ी, चेतराम टिहरी, आशीष बसंदबाड़ी, प्रदीप दाड़ी-बाड़ी शामिल हैं।
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झंडूता (बिलासपुर। झंडूता से ज्योरिपतन जा रही निजी बस बरोहा ज्योरिपतन सड़क पर खलसाय के पास शाम छह बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस सड़क से 250 फुट नीचे जाकर गिरी और पेड़ से टकरा कर रुक गई। हादसे में बस में सवार 33 लोगों को चोटें आई हैं जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता लाया गया। नौ गंभीर लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बहरहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार निजी बस झंडूता से ज्योरिपतन जा रही थी लेकिन जैसे ही बस खलसाय के पास पहुंची तो अचानक ही चालक बस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। इससे बस सड़क से नीचे खाई में उतर गई। घटना का पता चलते ही आसपास के लोग वहां पर पहुंच गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने अपने निजी वाहनों में घायलों को अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया। बाद में एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई।
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बस हादसे में घायल हुए लोगों का कहना है कि सरकारी बस न आने से निजी बस में काफी संख्या में लोग भरे हुए थे। बस ओवरलोड थी। घायलों का कहना है कि बस चालक ने सड़क पर पड़े गड्ढों से जैसे ही बस को बचाना चाहा तो चालक बस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा जिससे बस हादसे का शिकार हो गई।
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दुर्घटना का पता चलते ही स्थानीय विधायक जेआर कटवाल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम विकास शर्मा और पुलिस टीम मौके पर पहुंच कर राहत कार्यों में जुट गई। हालांकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही खंड चिकित्सा अधिकारी अरविंद टंडन ने अस्पताल में डॉक्टरों को तैनात कर दिया था। स्थानीय लोगों सुभाष चंदेल, शक्ति सिंह, बलकार और संजू ने अपने वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
इनसेट...
मोबाइल की लाइट में करना पड़ा घायलों का उपचार
इसे सरकार की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कहेंगे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में घायलों के उपचार मोबाइल की लाइट में करने पड़े। आलम यह था कि अस्पताल में बिजली ही नहीं थी। मजबूरी में गंभीर रूप से घायलों को मोबाइल की लाइट में प्राथमिक उपचार देना पड़ा। इससे बड़ी और विडंबना और क्या होगी कि मोबाइल की लाइट में घायलों का उपचार करना पड़ा। इससे यहां पर लोगों में भी खासा रोष पैदा हुआ।
इनसेट...
कम पड़ गए ग्लूकोज स्टेंड
इससे बड़ी विडंबना ओर क्या होगी की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में बस हादसे में घायल लोगों को ग्लूकोज स्टेंड तक नहीं मिल पाए। मजबूरी में एक स्टेंड में दो से तीन लोगों को ग्लूकोज लगाना पड़ा। यह पहला मामला नहीं है जब झंडूता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऐसा हुआ हो, इससे पहले भी यहां पर हादसे का शिकार लोगों को सही उपचार नहीं मिल पाया है।
इनसेट...
यह हुए हैं बस हादसे में घायल
घायलों में कर्म चंद खलसाय, हरदयाल सिंह नखलेहड़ा, नीना देवी घराण, कश्मीरा देवी समलेटू, सुनील कुमार अमरपुर, ब्राह्मी देवी मुसान, ब्यासा देवी खलसाय, मंजू कुमारी रछेड़ा, परसीनू देवी मातला, दिला राम लुरहड़, अति देवी समलेतु, निशा शर्मा कारवीं, विद्या देवी दाड़ी-बाड़ी, कविता देवी समलेतु, कश्मीर चंद बरोटा, अमरती देवी रछेड़ा, आंचल रछेड़ा, पूजा शर्मा नखलेहड़ा, अंजू रौना, रीमा देवी दाड़ी-बाड़ी, पूजा दाड़ी-बाड़ी, चेतराम टिहरी, आशीष बसंदबाड़ी, प्रदीप दाड़ी-बाड़ी शामिल हैं।