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नहीं सुलझा बरमाणा की लघट गोशाला का विवाद

Tue, 31 Jul 2018 11:36 PM IST
Updated Tue, 31 Jul 2018 11:36 PM IST
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नहीं सुलझा बरमाणा की लघट गोशाला का विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
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बरमाणा (बिलासपुर)। बरमाणा पंचायत के लघट गांव में गहराये गोशाला विवाद को सुलझाने के लिए एसडीएम सदर प्रियंका वर्मा मंगलवार को मौके पर पहुंची लेकिन विवादों का कोई भी हल नहीं हो सका। एसडीएम के सामने ही ग्रामीण और गोसदन कमेटी के सदस्य आपस में उलझ गए। वहीं प्रधान व ग्रामीण भी अपनी-अपनी बातों को लेकर अड़े रहे जिससे गोसदन में पशुओं को रखने का मुद्दा ज्यों का त्यों ही बना रहा।
गौरतलब है कि बरमाणा पंचायत के लघट में गोशाला का निर्माण किया जा रहा है जिसमें शेड का निर्माण पूरा किया जा चुका है लेकिन कर्मचारियों के रहने के लिए कमरे नहीं बन पाए हैं। इसको लेकर बरमाणा पंचायत प्रधान का कहना है कि जब तक यहां पर कर्मचारियों के रहने के लिए कमरे नहीं बन जाते हैं तब तक आवारा पशुओं को यहां पर नहीं रखा जाएगा। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि जब पशुओं को रखने के लिए शेड बन गया है तो पशुओं को रखने में क्या हर्ज है। जो पशु ग्रामीणों द्वारा यहां पर रखे गए हैं, उनका खर्चा भी वह स्वयं ही उठा रहे हैं।
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जबकि ग्रामीणों ने एसडीएम के सामने यह भी कहा कि जब तक यहां पर कर्मचारियों के रहने के लिए कमरों का निर्माण नहीं हो जाता तब तक वह यहां से 100 मीटर दूर कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था करवा सकते हैं लेकिन उसके बावजूद भी प्रधान अपनी बात पर अड़ी रहीं। ऐसे में यहां पर ग्रामीणों का गुस्सा फुटने के आसार है, जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। वहीं मौके पर भारी पुलिस दल भी तैनात करना पड़ा। इस मौके पर वार्ड सदस्य सतीश कुमार, महिला मंडल प्रधान पिंकी, महिला मंडल लघट के सभी सदस्य व ग्रामीण, मानव सेवा संस्थान के अमरजीत चौधरी सहित अन्य कई उपस्थित थे।
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वहीं एसडीएम सदर प्रियंका वर्मा का कहना है कि मौके पर जाकर ग्रामीणों से बातचीत की गई है। ग्रामीणों से दो से तीन दिन का समय मांगा गया है ताकि असल स्थिति का पता कर आगे की योजना बनाई जा सके। एसडीएम ने बताया कि अभी कमरों को बनाने का कार्य चल रहा है। ऐसे मेें यहां पर पशुओं को रखना खतरे से खाली नहीं है।
 
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