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पेड़ों के कटान में 43 लाख का घपला,एजीएम व ठेकेदार फंसा
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:06 AM IST
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भोट। रामपुर- काठगोदाम फोर लेन के निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई के 43 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। इस मामले में कार्यदायी संस्था सद्भाव इंजीनियरिंग लिमिटेड के सहायक प्रबंधक और ठेकेदार फंस गए हैं। परियोजना प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा रामपुर-काठगोदाम के फोरलेन निर्माण और हाईवे किनारे लगे पेड़ों को काटने का ठेका सद्भाव इंजीनियरिंग लिमिटेड को दिया था। कार्यदायी संस्था ने ही अपने ठेकेदार बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के काशीपुर आंगा गांव स्थित मैसर्स तुफैल कंपनी के माध्यम से हाइवे किनारे पेड़ों का कटान किया था। इस दौरान कार्यदायी संस्था के सहायक प्रबंधक अमित कुमार गांधी निवासी चंद्रपुर महाराष्ट्र और ठेकेदार कंपनी के मालिक मोहम्मद इरफान ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जमा करने को दिए गए 43 लाख रुपये की रकम हड़प ली। इसके साथ ही परियोजना से संबंधित दस्तावेज भी गायब कर कंपनी में काम छोड़कर फरार हो गए। सद्भाव इंजीनियरिंग लिमिटेड कंपनी के परियोजना प्रबंधक पवन कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि आरोपी सहायक प्रबंधक उनका फोन नहीं उठा रहा है। ठेकेदार कंपनी का मालिक मोहम्मद इरफान कह रहा है कि 43 लाख रुपये की रकम का भुगतान उसने अमित गांधी को कर दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा रामपुर-काठगोदाम के फोरलेन निर्माण और हाईवे किनारे लगे पेड़ों को काटने का ठेका सद्भाव इंजीनियरिंग लिमिटेड को दिया था। कार्यदायी संस्था ने ही अपने ठेकेदार बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के काशीपुर आंगा गांव स्थित मैसर्स तुफैल कंपनी के माध्यम से हाइवे किनारे पेड़ों का कटान किया था। इस दौरान कार्यदायी संस्था के सहायक प्रबंधक अमित कुमार गांधी निवासी चंद्रपुर महाराष्ट्र और ठेकेदार कंपनी के मालिक मोहम्मद इरफान ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जमा करने को दिए गए 43 लाख रुपये की रकम हड़प ली। इसके साथ ही परियोजना से संबंधित दस्तावेज भी गायब कर कंपनी में काम छोड़कर फरार हो गए। सद्भाव इंजीनियरिंग लिमिटेड कंपनी के परियोजना प्रबंधक पवन कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि आरोपी सहायक प्रबंधक उनका फोन नहीं उठा रहा है। ठेकेदार कंपनी का मालिक मोहम्मद इरफान कह रहा है कि 43 लाख रुपये की रकम का भुगतान उसने अमित गांधी को कर दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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