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बड़गांव में तेंदुए का आतंक से सहमे लोग
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बरठीं(बिलासपुर)। वन परिक्षेत्र झंडूता के तहत वन बीट बड़गांव में तेंदुए के होने की खबर से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। वन विभाग के कर्मचारी रविवार सुबह से तेंदुए की तलाश में घूमते रहे। वहीं शनिवार रात को तेंदुए ने पांच कुत्तों और दो बकरियों को अपना शिकार बनाया।
गांव के ईश्वर सिंह ठाकुर, देवराज ठाकुर, बलदेव ठाकुर, धर्म सिंह, नारायण दास, बिशन सिंह, रणजीत सिंह, शमशेर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गत एक सप्ताह से तेंदुआ लगातार गांव री और रडोह में घूम रहा है। अब तक उनके पांच पालतू कुत्तों और दो बकरियों को अपना शिकार बना चुका है।
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ रात के अंधेरे में कुत्तों का शिकार कर रहा है जबकि दिन में जब वह अपनी बकरियों को जंगल में चराने के लिए ले जाते हैं तो वहां पर बकरियों का शिकार कर वहां से नाले की तरफ भाग जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि वह खुद तेंदुए को ढूंढते रहे लेकिन तेंदुए उनकी नजर में नहीं आए। वहीं ग्रामीण बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने में भी डर रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि शिकारियों ने जंगलों में जाकर जंगली जानवरों का शिकार कर जंगल को खाली कर दिया है जिस कारण अब जंगलों में हिंसक जानवरों को खाने के लिए कुछ नहीं रहा। इस कारण इन खुंखार जंगली जानवरों ने बस्ती भरे इलाकों का रुख किया है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष भी इसी बीट के अंतर्गत दो घटनाओं को यह तेंदुए अंजाम दे चुका है जिससे लोगों में भय बरकरार बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि वह रात को तो घर से बाहर निकलते ही नहीं है लेकिन दिन को भी खेतों में काम करने से डरने लगे हैं। यदि वन विभाग की ओर से तेंदुए का कोई बंदोबस्त नहीं किया तो वह अपने बच्चों को स्कूल में किस प्रकार भेजेंगे। उन्होंने विभाग से मांग की है कि तेंदुए को तुरंत पकड़कर लोगों को भय मुक्त किया जाए। उधर वन परिक्षेत्राधिकारी अशोक शर्मा व वन रक्षक केहर सिंह ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगा दिया जाएगा ताकि ग्रामीण भयमुक्त रह सकें।
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गांव के ईश्वर सिंह ठाकुर, देवराज ठाकुर, बलदेव ठाकुर, धर्म सिंह, नारायण दास, बिशन सिंह, रणजीत सिंह, शमशेर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गत एक सप्ताह से तेंदुआ लगातार गांव री और रडोह में घूम रहा है। अब तक उनके पांच पालतू कुत्तों और दो बकरियों को अपना शिकार बना चुका है।
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ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ रात के अंधेरे में कुत्तों का शिकार कर रहा है जबकि दिन में जब वह अपनी बकरियों को जंगल में चराने के लिए ले जाते हैं तो वहां पर बकरियों का शिकार कर वहां से नाले की तरफ भाग जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि वह खुद तेंदुए को ढूंढते रहे लेकिन तेंदुए उनकी नजर में नहीं आए। वहीं ग्रामीण बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने में भी डर रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि शिकारियों ने जंगलों में जाकर जंगली जानवरों का शिकार कर जंगल को खाली कर दिया है जिस कारण अब जंगलों में हिंसक जानवरों को खाने के लिए कुछ नहीं रहा। इस कारण इन खुंखार जंगली जानवरों ने बस्ती भरे इलाकों का रुख किया है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष भी इसी बीट के अंतर्गत दो घटनाओं को यह तेंदुए अंजाम दे चुका है जिससे लोगों में भय बरकरार बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि वह रात को तो घर से बाहर निकलते ही नहीं है लेकिन दिन को भी खेतों में काम करने से डरने लगे हैं। यदि वन विभाग की ओर से तेंदुए का कोई बंदोबस्त नहीं किया तो वह अपने बच्चों को स्कूल में किस प्रकार भेजेंगे। उन्होंने विभाग से मांग की है कि तेंदुए को तुरंत पकड़कर लोगों को भय मुक्त किया जाए। उधर वन परिक्षेत्राधिकारी अशोक शर्मा व वन रक्षक केहर सिंह ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगा दिया जाएगा ताकि ग्रामीण भयमुक्त रह सकें।