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दिव्यांग बच्चे हैं समाज की अमूल्य धरोहर : महेंद्र सिंह ठाकुर
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बिलासपुर के इंडोर स्टेडियम में फ्लोरवॉल कोचिंग कैंप का शुभारंभ करते आईपीएच मंत्री।
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा है कि दिव्यांग बच्चे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। हर व्यक्ति का समाज निर्माण में योगदान होता है लेकिन इन विशेष बच्चों का समाज निर्माण में विशेष योगदान है। उचित मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के साथ दिव्यांग बच्चे किसी भी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। आईपीएच मंत्री ने लुहणू के इंडोर स्टेडियम में फ्लोरबॉल खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ पर यह बात कही। दिव्यांग बच्चों को फ्लोरबाल खेल में ओलंपिक के लिए चयनित करने के लिए बिलासपुर में 6 जनवरी से 10 जनवरी तक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश भर से समुद्र के तट से हिमालय की गोद में प्रशिक्षण लेने आए विशेष बच्चों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लेकर खेलों के दौरान जो सकारात्मक जोश दिखाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है वह सराहनीय है। ठाकुर ने विशेष बच्चों के प्रशिक्षकों की भी सराहना की जिन्होंने इन बच्चों को विशेष रूप से प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाया है और देश के लिए अनेकों पदक जीते जिसके लिए वह बधाई के पात्र है।
उन्होंने कहा कि हम सभी को दिव्यांगों के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए और हमेशा उनकी सहायता के लिए तत्पर रहना चाहिए तथा उनके हौसले और आत्मविश्वास को बढ़ाने में उनकी मदद करनी चाहिए ताकि वे भी सामान्य जनों की तरह विकास की मुख्य धारा से जुड़कर समाज के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका का निर्वहन कर सकें।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से दिव्यांगजनों के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। जिला बिलासपुर भी विकास के क्षेत्र में अग्रणी पंक्ति में स्थान बनाने जा रहा है। पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आयुष्मान भारत योजना तथा बिलासपुर के लिए एम्स, हाईड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज तथा प्रदेश के लिए चार मेडिकल कॉलेज दिए जो कि प्रदेश तथा बिलासपुर जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विशेष बच्चों के भोजन व वर्दी के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 1 लाख रुपये देने की घोषणा की।
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उन्होंने कहा कि देश भर से समुद्र के तट से हिमालय की गोद में प्रशिक्षण लेने आए विशेष बच्चों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लेकर खेलों के दौरान जो सकारात्मक जोश दिखाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है वह सराहनीय है। ठाकुर ने विशेष बच्चों के प्रशिक्षकों की भी सराहना की जिन्होंने इन बच्चों को विशेष रूप से प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाया है और देश के लिए अनेकों पदक जीते जिसके लिए वह बधाई के पात्र है।
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उन्होंने कहा कि हम सभी को दिव्यांगों के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए और हमेशा उनकी सहायता के लिए तत्पर रहना चाहिए तथा उनके हौसले और आत्मविश्वास को बढ़ाने में उनकी मदद करनी चाहिए ताकि वे भी सामान्य जनों की तरह विकास की मुख्य धारा से जुड़कर समाज के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका का निर्वहन कर सकें।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से दिव्यांगजनों के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। जिला बिलासपुर भी विकास के क्षेत्र में अग्रणी पंक्ति में स्थान बनाने जा रहा है। पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आयुष्मान भारत योजना तथा बिलासपुर के लिए एम्स, हाईड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज तथा प्रदेश के लिए चार मेडिकल कॉलेज दिए जो कि प्रदेश तथा बिलासपुर जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विशेष बच्चों के भोजन व वर्दी के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 1 लाख रुपये देने की घोषणा की।