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भाखड़ा विस्थापितों के कब्जे हटाने के विरोध में निकाली रोष रैली
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बिलासपुर में अवैध अतिक्रमण कार्यो के बचाव में नारेबाजी करते बंबर ठाकुर और अन्य।
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। भाखड़ा विस्थापितों द्वारा किए गए अतिक्रमण कोई नाजायज नहीं है तथा सरकार ने देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने वालों को बेघर करने का मन बना लिया है जिसके तहत
पहले चरण में 24 मकानों को तोड़ा जाएगा। उसके बाद 360 और फिर 950 मकानों के टूटने का खतरा बरकरार ही नहीं बल्कि इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी भी कर ली है।
बिलासपुर के चंपा पार्क में जिला कांग्रेस के आह्वान पर बुलाई गई भाखड़ा विस्थापितों की आपात बैठक में पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि यह मामला संवेदनशील है। इसलिए सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता का परिचय देते हुए सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध एक होना होगा।
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उन्होंने नगर में रैली निकाली तथा उपायुक्त राजेश्वर गोयल के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। रैली को संबोधित करते हुए बंबर ठाकुर ने कहा कि बीती रात बाकायदा शहर में मुनादी करवा कर इस बैठक का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि भाखड़ा विस्थापितों के लिए दशकों से अन्याय होता आ रहा है लेकिन किसी ने इसका स्थायी हल नहीं ढूंढा है। उन्होंने मौजूदा विधायक से भी आग्रह किया कि वे सता पक्ष विधायक हैं तथा इस संकट की घड़ी में वे पूरे विस्थापितों का नेतृत्व करें तथा पूर्व विधायक होने के नाते वह भी उनका अनुशरण करेंगे।
बंबर ठाकुर ने जिलाध्यक्ष भाजपा से लेकर उन तमाम गुटों में बंटे समितियों और संगठनों के औहदेदारों से आग्रह किया है कि वे सभी मतभेेद भुलाकर इस आवाज को बुलंद करें। उन्होंने कहा कि बिलासपुर का मसला अन्य मुद्दों से भिन्न है तथा इसे अन्यों मामलों से हटकर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भाखड़ा विस्थापितों ने मजबूरीवश अपने घरों के इर्दगिर्द कुछ कब्जा किया भी है तो उसे नियमित करना सरकार का काम है लेकिन खून पसीने की कमाई से बनाए गए घरौंदों को तोड़ना कहां तक जायज है। उन्होंने सरकार से इस मामले में पुनर्विचार का आग्रह किया है।
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पहले चरण में 24 मकानों को तोड़ा जाएगा। उसके बाद 360 और फिर 950 मकानों के टूटने का खतरा बरकरार ही नहीं बल्कि इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी भी कर ली है।
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बिलासपुर के चंपा पार्क में जिला कांग्रेस के आह्वान पर बुलाई गई भाखड़ा विस्थापितों की आपात बैठक में पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि यह मामला संवेदनशील है। इसलिए सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता का परिचय देते हुए सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध एक होना होगा।
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उन्होंने नगर में रैली निकाली तथा उपायुक्त राजेश्वर गोयल के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। रैली को संबोधित करते हुए बंबर ठाकुर ने कहा कि बीती रात बाकायदा शहर में मुनादी करवा कर इस बैठक का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि भाखड़ा विस्थापितों के लिए दशकों से अन्याय होता आ रहा है लेकिन किसी ने इसका स्थायी हल नहीं ढूंढा है। उन्होंने मौजूदा विधायक से भी आग्रह किया कि वे सता पक्ष विधायक हैं तथा इस संकट की घड़ी में वे पूरे विस्थापितों का नेतृत्व करें तथा पूर्व विधायक होने के नाते वह भी उनका अनुशरण करेंगे।
बंबर ठाकुर ने जिलाध्यक्ष भाजपा से लेकर उन तमाम गुटों में बंटे समितियों और संगठनों के औहदेदारों से आग्रह किया है कि वे सभी मतभेेद भुलाकर इस आवाज को बुलंद करें। उन्होंने कहा कि बिलासपुर का मसला अन्य मुद्दों से भिन्न है तथा इसे अन्यों मामलों से हटकर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भाखड़ा विस्थापितों ने मजबूरीवश अपने घरों के इर्दगिर्द कुछ कब्जा किया भी है तो उसे नियमित करना सरकार का काम है लेकिन खून पसीने की कमाई से बनाए गए घरौंदों को तोड़ना कहां तक जायज है। उन्होंने सरकार से इस मामले में पुनर्विचार का आग्रह किया है।