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शहर से विस्थापितों के अलावा हटेंगे सभी अवैध कब्जे
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बिलासपुर। शहर में अवैध कब्जाधारकों के कब्जों की नियमित होने की आस लगाए बैठे सैकड़ों लोगों को झटका लगा सकता है। हाल ही में जिला प्रशासन के पास अवैध कब्जे नियमित करने के करीब एक हजार आवेदन पहुंचे हैं लेकिन बताया जा रहा है कि इन आवेदनों में अधिकांश आवेदन सरकार की पॉलिसी के तहत नहीं आ रहे हैं। जिला प्रशासन अब सभी आवेदनों की जांच कर रहा है। इसके बाद जो भी आवेदन पॉलिसी में नहीं आएंगे उन पर कानूनी डंडा चलना तय माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि भाखड़ा विस्थापितों के लिए सरकार ने पॉलिसी बनाई है कि उनके प्लॉट के साथ लगते 150 वर्ग मीटर के कब्जे उन्हीं के नाम नियमित किए जाएंगे लेकिन शहर में देखा गया है कि सैकड़ों अवैध कब्जे ऐसे हैं जिनका भाखड़ा विस्थापितों से दूर-दूर तक का कोई संबंध ही नहीं है। जैसे ही प्रशासन ने कब्जे नियमित करने के लिए आवेदन मांगे तो अपनी नैया पार लगाने के चक्कर में सभी अवैध कब्जा धारकों ने अपने आप को भाखड़ा विस्थापितों से जोड़ कर जिला प्रशासन के पास कब्जों को नियमित करने के लिए आवेदन कर दिए हैं।
अब जिला प्रशासन सभी आवेदनों का गहनता से जांच कर रहा है। संबंधित विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो अभी तक अधिकांश आवेदन ऐसे पाए गए हैं जो न भाखड़ा विस्थापित हैं और न ही उनका भाखड़ा विस्थापितों से दूर-दूर तक का कोई नाता है जिसको ध्यान में रखकर अब जिला प्रशासन भाखड़ा विस्थापितों की अलग से सूची तैयार कर रहा है ताकि नियम अनुसार उनके कब्जे नियमित किए जा सकें। जबकि दूसरी औैर उन लोगों की सूची अलग से तैयार की जा रही है जिनका भाखड़ा विस्थापितों से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है लेकिन उसके बाद भी वह कब्जा किए बैठे हैं। उक्त लोगों की सूची तैयार कर प्रशासन कानून के अनुसार कब्जे हटाने की कार्रवाई अमल में लाएगा।
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एडीएम बिलासपुर विनय धीमान का कहना है कि सरकार के नियम अनुसार ही अवैध कब्जों के मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। जो भी कब्जे पॉलिसी के अधीन नहीं आएंगे उनके खिलाफ कब्जा हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि भाखड़ा विस्थापितों के लिए सरकार ने पॉलिसी बनाई है कि उनके प्लॉट के साथ लगते 150 वर्ग मीटर के कब्जे उन्हीं के नाम नियमित किए जाएंगे लेकिन शहर में देखा गया है कि सैकड़ों अवैध कब्जे ऐसे हैं जिनका भाखड़ा विस्थापितों से दूर-दूर तक का कोई संबंध ही नहीं है। जैसे ही प्रशासन ने कब्जे नियमित करने के लिए आवेदन मांगे तो अपनी नैया पार लगाने के चक्कर में सभी अवैध कब्जा धारकों ने अपने आप को भाखड़ा विस्थापितों से जोड़ कर जिला प्रशासन के पास कब्जों को नियमित करने के लिए आवेदन कर दिए हैं।
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अब जिला प्रशासन सभी आवेदनों का गहनता से जांच कर रहा है। संबंधित विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो अभी तक अधिकांश आवेदन ऐसे पाए गए हैं जो न भाखड़ा विस्थापित हैं और न ही उनका भाखड़ा विस्थापितों से दूर-दूर तक का कोई नाता है जिसको ध्यान में रखकर अब जिला प्रशासन भाखड़ा विस्थापितों की अलग से सूची तैयार कर रहा है ताकि नियम अनुसार उनके कब्जे नियमित किए जा सकें। जबकि दूसरी औैर उन लोगों की सूची अलग से तैयार की जा रही है जिनका भाखड़ा विस्थापितों से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है लेकिन उसके बाद भी वह कब्जा किए बैठे हैं। उक्त लोगों की सूची तैयार कर प्रशासन कानून के अनुसार कब्जे हटाने की कार्रवाई अमल में लाएगा।
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एडीएम बिलासपुर विनय धीमान का कहना है कि सरकार के नियम अनुसार ही अवैध कब्जों के मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। जो भी कब्जे पॉलिसी के अधीन नहीं आएंगे उनके खिलाफ कब्जा हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।