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जिला अस्पताल में ओपीडी में नहीं मिलते डॉक्टर
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बिलासपुर। जिला अस्पताल में मंगलवार को कई ओपीडी बंद रही। जबकि कई में डॉक्टर नहीं थे जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीज दोपहर तक ओपीडी के बाहर डॉक्टर का इंतजार करते देखे गए। डॉक्टर न होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों के न होने के कारण कई मरीजों ने तो निजी अस्पतालों में ही उपचार करवाना जरूरी समझा।
उल्लेखनीय है कि हाल में जिला अस्पताल से 6 डॉक्टरों के स्थानांतरण आर्डर मेडिकल कॉलेजों के लिए हुए हैं जिस कारण जिला अस्पताल पहले ही डॉक्टरों की कमी का दंश झेल रहा है जिसका असर बुधवार को मरीजों पर भी पड़ा।
जहां सामान्य ओपीडी खुली थी लेकिन वहां कोई भी डॉक्टर अपनी सेवाएं नहीं दे रहा था। इसके अलावा ईएनटी ओपीडी भी बंद थी। मरीज बाहर डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। यही हाल अन्य एक दो और ओपीडी का रहा जहां डॉक्टर न होने के कारण लोग डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे।
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उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या 22 के करीब थी लेकिन अब 6 डॉक्टरों के मेडिकल कॉलेज में जाने की स्थिति में जिला अस्पताल में अब फिर से 16 डॉक्टर ही अपनी सेवाएं दे पाएंगे।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश आहलुवालिया ने बताया कि 6 डॉक्टर मेडिकल कॉलेज में जा रहे हैं। पूरा मामला राज्य सरकार के ध्यान में है। उन्होंने भी माना की डॉक्टरों की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इन डॉक्टरों के चले जाने के बाद अस्पताल में मात्र 16 डॉक्टर ही रह जाएंगे।
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उल्लेखनीय है कि हाल में जिला अस्पताल से 6 डॉक्टरों के स्थानांतरण आर्डर मेडिकल कॉलेजों के लिए हुए हैं जिस कारण जिला अस्पताल पहले ही डॉक्टरों की कमी का दंश झेल रहा है जिसका असर बुधवार को मरीजों पर भी पड़ा।
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जहां सामान्य ओपीडी खुली थी लेकिन वहां कोई भी डॉक्टर अपनी सेवाएं नहीं दे रहा था। इसके अलावा ईएनटी ओपीडी भी बंद थी। मरीज बाहर डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। यही हाल अन्य एक दो और ओपीडी का रहा जहां डॉक्टर न होने के कारण लोग डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे।
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उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या 22 के करीब थी लेकिन अब 6 डॉक्टरों के मेडिकल कॉलेज में जाने की स्थिति में जिला अस्पताल में अब फिर से 16 डॉक्टर ही अपनी सेवाएं दे पाएंगे।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश आहलुवालिया ने बताया कि 6 डॉक्टर मेडिकल कॉलेज में जा रहे हैं। पूरा मामला राज्य सरकार के ध्यान में है। उन्होंने भी माना की डॉक्टरों की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इन डॉक्टरों के चले जाने के बाद अस्पताल में मात्र 16 डॉक्टर ही रह जाएंगे।