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पोक्सो मामले में दोषी को 5 साल का कठोर कारावास
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बिलासपुर। जिला एवं सत्र विशेष न्यायाधीश राकेश चौधरी की अदालत ने पोक्सो एक्ट 2012 के मुकदमे में आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं दोषी को पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने के भी आदेश जारी किए। जुर्माना अदा न करने की सुरत में पांच हजार रुपये अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी।
जिला न्याय वादी एवं विशेष लोक अभियोजक विनोद भारद्वाज ने बताया कि 12 अगस्त 2018 को काल्पनिक नाम श्याम लाल की शिकायत पर थाना कोट कहलूर में मुकदमा दर्ज कराया गया जिसके तथ्य इस प्रकार है कि वादी के दो बच्चे हैं तथा छोटा बच्चा जिसकी उम्र 10 वर्ष की थी जिसकी आंख पर गिल्टी-चैरहिया हुआ था जिसे इलाज के लिए देसी हकीम अमर सिंह पुत्र माडू राम गांव गुरु का लाहौर डाकघर बस्सी तहसील श्री नयना देवी जी जो अपने मंदिर में इस तरह की बीमारियों का इलाज करता है के पास अपने रिश्तेदार के साथ भेजा। इस पर बच्चा व उसका रिश्तेदार अमर सिंह दोषी के पास पहुंचे। दोषी ने बच्चे को देखने के बाद बताया कि यह बीमारी झाड़ते समय किसी और को भी लग सकती है तथा उसके रिश्तेदार को बणा की झाड़ियां लाने तथा मंदिर से बाहर बैठने के लिए कहा। इस पर उसका रिश्तेदार बणा की टहनियां लेकर मंदिर आया तथा दोषी के हवाले टहनियां की। इस पर दोषी ने उसके बाद उस रिश्तेदार को मंदिर के बाहर बैठा दिया तथा चैरहिया झाड़ने के बाद दोषी ने बच्चे को पेशाब वाली जगह पर हाथ लगाया वह उसके मुंह से पप्पी ली, उसके उपरांत बच्ची अपने रिश्तेदार के साथ घर आ गई। जो जाते ही डरी सहमी होते हुए अपनी माता की गोद में बैठ गई तथा सारी आपबीती अपनी माता तथा रिश्तेदारों को बताई। इस पर लोगों ने दोषी को उसके कृत्य के बारे में पूछा और उसने मना कर दिया। उसके उपरांत थाना में मुकदमा दर्ज करवाया गया तथा साक्ष्य इकट्ठा करने के बाद इस मुकदमे का चालान माननीय विशेष न्यायालय में पेश किया गया।
इसमें 12 नवंबर 2018 को दोषी के खिलाफ माननीय अदालत ने चार्ज लगाया जिसके उपरांत जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने 20 गवाह अपने मुकदमे में पेश किए तथा बचाव पक्ष ने अपने बचाव के लिए दो गवाह पेश किए। जिला न्यायवादी के तर्कों को सही मानते हुए और बचाव पक्ष की दलीलों को नकारते हुए विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त अमर सिंह को दोषी करार देते हुए धारा 10 पोक्सो एक्ट में 5 साल का कठोर कारावास और 5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई व जुर्माना न देने की सूरत में अतिरिक्त 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई।
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जिला न्याय वादी एवं विशेष लोक अभियोजक विनोद भारद्वाज ने बताया कि 12 अगस्त 2018 को काल्पनिक नाम श्याम लाल की शिकायत पर थाना कोट कहलूर में मुकदमा दर्ज कराया गया जिसके तथ्य इस प्रकार है कि वादी के दो बच्चे हैं तथा छोटा बच्चा जिसकी उम्र 10 वर्ष की थी जिसकी आंख पर गिल्टी-चैरहिया हुआ था जिसे इलाज के लिए देसी हकीम अमर सिंह पुत्र माडू राम गांव गुरु का लाहौर डाकघर बस्सी तहसील श्री नयना देवी जी जो अपने मंदिर में इस तरह की बीमारियों का इलाज करता है के पास अपने रिश्तेदार के साथ भेजा। इस पर बच्चा व उसका रिश्तेदार अमर सिंह दोषी के पास पहुंचे। दोषी ने बच्चे को देखने के बाद बताया कि यह बीमारी झाड़ते समय किसी और को भी लग सकती है तथा उसके रिश्तेदार को बणा की झाड़ियां लाने तथा मंदिर से बाहर बैठने के लिए कहा। इस पर उसका रिश्तेदार बणा की टहनियां लेकर मंदिर आया तथा दोषी के हवाले टहनियां की। इस पर दोषी ने उसके बाद उस रिश्तेदार को मंदिर के बाहर बैठा दिया तथा चैरहिया झाड़ने के बाद दोषी ने बच्चे को पेशाब वाली जगह पर हाथ लगाया वह उसके मुंह से पप्पी ली, उसके उपरांत बच्ची अपने रिश्तेदार के साथ घर आ गई। जो जाते ही डरी सहमी होते हुए अपनी माता की गोद में बैठ गई तथा सारी आपबीती अपनी माता तथा रिश्तेदारों को बताई। इस पर लोगों ने दोषी को उसके कृत्य के बारे में पूछा और उसने मना कर दिया। उसके उपरांत थाना में मुकदमा दर्ज करवाया गया तथा साक्ष्य इकट्ठा करने के बाद इस मुकदमे का चालान माननीय विशेष न्यायालय में पेश किया गया।
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इसमें 12 नवंबर 2018 को दोषी के खिलाफ माननीय अदालत ने चार्ज लगाया जिसके उपरांत जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने 20 गवाह अपने मुकदमे में पेश किए तथा बचाव पक्ष ने अपने बचाव के लिए दो गवाह पेश किए। जिला न्यायवादी के तर्कों को सही मानते हुए और बचाव पक्ष की दलीलों को नकारते हुए विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त अमर सिंह को दोषी करार देते हुए धारा 10 पोक्सो एक्ट में 5 साल का कठोर कारावास और 5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई व जुर्माना न देने की सूरत में अतिरिक्त 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई।
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