{"_id":"5da21e958ebc3e93a7700169","slug":"crime-bilaspur-news-sml310714554","type":"story","status":"publish","title_hn":"राह चलती लड़कियों पर फब्तियां कसना भी अपराध : सीमा चंदेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राह चलती लड़कियों पर फब्तियां कसना भी अपराध : सीमा चंदेल
विज्ञापन
अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में दौरान बामटा में उपस्थित महिलाएं
- फोटो : BILASPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। ‘अमर उजाला’ ने अपराजिता 100 मिलियन समाइल्स कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत बामटा में महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया। इस मौके पर महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया। इस मौके पर पंचायत प्रधान सीमा चंदेल कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे। जबकि लाड़ली फाउंडेशन की जिला उपाध्यक्ष रश्मि गौतम ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
सीमा चंदेल ने कहा कि कहा कि राह चलती लड़कियों पर फब्तियां कसना भी अपराध की श्रेणी में आता है। वहीं फेसबुक व वाट्सएप पर संदेश भेजना भी एक अपराध है। महिलाओं के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चला रखे हैं। लड़कियां अगर थाना में नहीं आना चाहती हैं तो वह कोर्ट के माध्यम से भी अपनी बात रख सकती हैं। जबकि सरकार के द्वारा कई प्रकार की हेल्पलाइन चलाई गई है उनकी सहायता ली जा सकती है।
विशेष अतिथि के रूप में लाड़ली फाउंडेशन की जिला उपाध्यक्ष रश्मि गौतम ने बताया कि आज भी समाज में लड़कियां व महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं और हमें इसके लिए लड़कियों व महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। लड़कियों के साथ हो रहे निरंतर कई प्रकार की घटनाएं अकसर समाचार पत्रों के माध्यम से पढ़ी जा सकती हैं। कहा कि अगर किसी के साथ किसी प्रकार की घटनाएं हों तो उसका विरोध अगर स्वयं नहीं कर सकते हैं तो इस बारे में पुलिस को शिकायत करें ताकि लड़कियों व महिलाओं पर हो रहे अत्याचार कम हो सकें। इस मौके पर इशरत खान ने भी महिलाओं के अधिकारों के बारे में अपने विचार रखे। इस मौके पर अंजलि कुमारी, नीलम शर्मा, सरिता शर्मा, रिना ठाकुर, शिलपा, शहनाज सहित अन्य महिलाएं कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीमा चंदेल ने कहा कि कहा कि राह चलती लड़कियों पर फब्तियां कसना भी अपराध की श्रेणी में आता है। वहीं फेसबुक व वाट्सएप पर संदेश भेजना भी एक अपराध है। महिलाओं के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चला रखे हैं। लड़कियां अगर थाना में नहीं आना चाहती हैं तो वह कोर्ट के माध्यम से भी अपनी बात रख सकती हैं। जबकि सरकार के द्वारा कई प्रकार की हेल्पलाइन चलाई गई है उनकी सहायता ली जा सकती है।
विज्ञापन
विशेष अतिथि के रूप में लाड़ली फाउंडेशन की जिला उपाध्यक्ष रश्मि गौतम ने बताया कि आज भी समाज में लड़कियां व महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं और हमें इसके लिए लड़कियों व महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। लड़कियों के साथ हो रहे निरंतर कई प्रकार की घटनाएं अकसर समाचार पत्रों के माध्यम से पढ़ी जा सकती हैं। कहा कि अगर किसी के साथ किसी प्रकार की घटनाएं हों तो उसका विरोध अगर स्वयं नहीं कर सकते हैं तो इस बारे में पुलिस को शिकायत करें ताकि लड़कियों व महिलाओं पर हो रहे अत्याचार कम हो सकें। इस मौके पर इशरत खान ने भी महिलाओं के अधिकारों के बारे में अपने विचार रखे। इस मौके पर अंजलि कुमारी, नीलम शर्मा, सरिता शर्मा, रिना ठाकुर, शिलपा, शहनाज सहित अन्य महिलाएं कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
विज्ञापन