{"_id":"5d334ee68ebc3e6c990bc36e","slug":"crime-bilaspur-news-sml301116411","type":"story","status":"publish","title_hn":"33 करोड़ गोलमाल मामले में पकड़े दंपति 23 तक रिमांड पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
33 करोड़ गोलमाल मामले में पकड़े दंपति 23 तक रिमांड पर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। तलाई सहकारी सभा में हुए 33 करोड़ के गोलमाल मामले में राजस्थान के गंगा नगर से पकड़े गए दो आरोपियों को कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी शनिवार को घुमारवीं कोर्ट में पेश किए गए थे, जहां से आरोपियों को 23 जुलाई तक के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। वहीं पुलिस के रडार पर अब तत्कालीन कमेटी के लोग भी हैं जिन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि तलाई सहकारी सभा में सचिव ने 33 करोड़ के गोलमाल को अंजाम दिया था। ऑडिट में खुलासा होने के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद मामले की छानबीन से मिले साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने पहले सचिव को गिरफ्तार किया था, जबकि दो लोगों को राजस्थान के गंगानगर से बीते दिन गिरफ्तार कर लाया गया है।
सूत्रों की माने तो पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को और कई सुराग हाथ लगे हैं जिसके आधार पर पुलिस आने वाले समय में और लोगों की भी गिरफ्तारी कर सकती है। गौर रहे कि सभा सचिव ने अपनी बेटी के खाते से भी करोड़ों रुपये का लेनदेन कर रखा है। पुलिस के रडार पर सचिव की बेटी का बैंक अकाउंट भी है।
विज्ञापन
वहीं दूसरे ओर तत्कालीन कमेटी भी पुलिस के रडार पर है क्योंकि सचिव सभा का मात्र कर्मचारी है। जबकि सभा संचालन का पूरा कार्य कमेटी के देखरेख में रहता है। ऐसे में सवाल है कि क्या 33 करोड़ का पूरा घोटाला अकेले दम पर सचिव ही कर गया। इस सभी पहलुओं को ध्यान रख कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
एसपी बिलासपुर साक्षी वर्मा ने बताया कि पकड़े के दो आरोपी शनिवार को कोर्ट में पेश किए गए जहां से उन्हें 23 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि तलाई सहकारी सभा में सचिव ने 33 करोड़ के गोलमाल को अंजाम दिया था। ऑडिट में खुलासा होने के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद मामले की छानबीन से मिले साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने पहले सचिव को गिरफ्तार किया था, जबकि दो लोगों को राजस्थान के गंगानगर से बीते दिन गिरफ्तार कर लाया गया है।
विज्ञापन
सूत्रों की माने तो पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को और कई सुराग हाथ लगे हैं जिसके आधार पर पुलिस आने वाले समय में और लोगों की भी गिरफ्तारी कर सकती है। गौर रहे कि सभा सचिव ने अपनी बेटी के खाते से भी करोड़ों रुपये का लेनदेन कर रखा है। पुलिस के रडार पर सचिव की बेटी का बैंक अकाउंट भी है।
विज्ञापन
वहीं दूसरे ओर तत्कालीन कमेटी भी पुलिस के रडार पर है क्योंकि सचिव सभा का मात्र कर्मचारी है। जबकि सभा संचालन का पूरा कार्य कमेटी के देखरेख में रहता है। ऐसे में सवाल है कि क्या 33 करोड़ का पूरा घोटाला अकेले दम पर सचिव ही कर गया। इस सभी पहलुओं को ध्यान रख कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
एसपी बिलासपुर साक्षी वर्मा ने बताया कि पकड़े के दो आरोपी शनिवार को कोर्ट में पेश किए गए जहां से उन्हें 23 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है।