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Bilaspur News: एमएसीटी घुमारवीं के आवेदक को 28.51 लाख ब्याज सहित देने के निर्देश
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प्रतिवादी के नो ऑब्जेक्शन के बाद मुआवजा जारी
बीमा और प्रतिवादी ने नहीं जताई आपत्ति, कोर्ट ने आवेदक को माना हकदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) घुमारवीं ने मुआवजा राशि जारी करने को लेकर महत्वपूर्ण आदेश पारित किए हैं। न्यायालय ने बीमा कंपनी की ओर से जमा की गई राशि में से आवेदक के हिस्से की 28,51,039 रुपये की राशि अद्यतन ब्याज सहित जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने आवेदन पर नो ऑब्जेक्शन दर्ज कराते हुए आवेदक के पक्ष में राशि जारी करने पर सहमति जताई। न्यायालय ने कार्यालय की रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए नायब नाजिर से रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट प्राप्त होने पर स्पष्ट हुआ कि संबंधित एमएसीटी केस में कुल 71,27,598 रुपये की राशि जमा है। इसमें से आवेदक का हिस्सा 28,51,039 रुपये है, जो अब तक वितरित नहीं किया गया था। अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि इस मामले में पूर्व में ही 48,80,932 रुपये की मुआवजा राशि 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित आवेदक के पक्ष में स्वीकृत की जा चुकी है। यह राशि बीमा कंपनी की ओर से जमा करवाई गई थी, लेकिन आवेदक के हिस्से की रकम अब तक जारी नहीं हुई थी। इसी को लेकर आवेदक ने न्यायालय में आवेदन दायर कर राशि जारी करने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और अभिलेखों का अवलोकन किया। प्रतिवादी की ओर से कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं की गई, इसलिए न्यायालय ने आवेदन को स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि 28,51,039 रुपये की राशि अद्यतन ब्याज सहित आवेदक के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाए। इसके लिए आवेदक को बैंक खाता विवरण प्रस्तुत करना होगा, यदि पहले से उपलब्ध न हो। साथ ही न्यायालय ने निर्देश दिए कि भुगतान से पहले बैंक विवरण का सत्यापन, आवेदक की पहचान तथा उचित रसीद की प्रक्रिया पूरी की जाए। आदेश के साथ ही आवेदन का निपटारा कर दिया गया तथा इसे मुख्य वाद की फाइल के साथ संलग्न करने के निर्देश भी जारी किए गए।
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बीमा और प्रतिवादी ने नहीं जताई आपत्ति, कोर्ट ने आवेदक को माना हकदार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) घुमारवीं ने मुआवजा राशि जारी करने को लेकर महत्वपूर्ण आदेश पारित किए हैं। न्यायालय ने बीमा कंपनी की ओर से जमा की गई राशि में से आवेदक के हिस्से की 28,51,039 रुपये की राशि अद्यतन ब्याज सहित जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने आवेदन पर नो ऑब्जेक्शन दर्ज कराते हुए आवेदक के पक्ष में राशि जारी करने पर सहमति जताई। न्यायालय ने कार्यालय की रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए नायब नाजिर से रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट प्राप्त होने पर स्पष्ट हुआ कि संबंधित एमएसीटी केस में कुल 71,27,598 रुपये की राशि जमा है। इसमें से आवेदक का हिस्सा 28,51,039 रुपये है, जो अब तक वितरित नहीं किया गया था। अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि इस मामले में पूर्व में ही 48,80,932 रुपये की मुआवजा राशि 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित आवेदक के पक्ष में स्वीकृत की जा चुकी है। यह राशि बीमा कंपनी की ओर से जमा करवाई गई थी, लेकिन आवेदक के हिस्से की रकम अब तक जारी नहीं हुई थी। इसी को लेकर आवेदक ने न्यायालय में आवेदन दायर कर राशि जारी करने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और अभिलेखों का अवलोकन किया। प्रतिवादी की ओर से कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं की गई, इसलिए न्यायालय ने आवेदन को स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि 28,51,039 रुपये की राशि अद्यतन ब्याज सहित आवेदक के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाए। इसके लिए आवेदक को बैंक खाता विवरण प्रस्तुत करना होगा, यदि पहले से उपलब्ध न हो। साथ ही न्यायालय ने निर्देश दिए कि भुगतान से पहले बैंक विवरण का सत्यापन, आवेदक की पहचान तथा उचित रसीद की प्रक्रिया पूरी की जाए। आदेश के साथ ही आवेदन का निपटारा कर दिया गया तथा इसे मुख्य वाद की फाइल के साथ संलग्न करने के निर्देश भी जारी किए गए।
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