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Bilaspur News: घुमारवीं में कफ सिरप और जिंक सल्फेट के सैंपल फेल

Fri, 01 May 2026 11:48 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 01 May 2026 11:48 PM IST
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Cough syrup and zinc sulphate samples fail in Ghumarwin
दवा निरीक्षक दिनेश गौतम
संशोधित खबर
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झंडूता मेडिकल स्टोर व सिविल अस्पताल से लिए गए सैंपल

केंद्रीय लैब कोलकाता में भी कफ-डी एम सिरप फेल
दवा निरीक्षक ने रूटीन चेकिंग के दौरान भरे थे सैंपल
चंडीगढ़ लैब की रिपोर्ट को कंपनी ने दी थी चुनौती
संबंधित बैच का पूरा स्टॉक बाजार से वापस मंगाया

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं क्षेत्र में दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। ड्रग कंट्रोल विभाग की ओर से भरे गए कफ-डी एम नामक कफ सिरप और जिंक सल्फेट दवा के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। खास बात यह है कि कफ सिरप का सैंपल दो-दो स्तर की जांच में असफल रहा है, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि संबंधित दवा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी।
जानकारी के अनुसार दवा निरीक्षक घुमारवीं दिनेश गौतम ने कुछ माह पूर्व रूटीन निरीक्षण के दौरान झंडूता स्थित एक मेडिकल स्टोर से कफ-डी एम कफ सिरप का सैंपल लिया था। यह कफ सिरप बद्दी स्थित एक दवा कंपनी द्वारा निर्मित बताया जा रहा है। इसके अलावा सिविल अस्पताल घुमारवीं के दवा भंडार से जिंक सल्फेट नामक दवा का सैंपल भी भरा गया था। दोनों सैंपलों को जांच के लिए क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला चंडीगढ़ भेजा गया। प्रारंभिक जांच में ही दोनों दवाइयां गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं और सैंपल फेल घोषित कर दिए गए। इसके बाद कफ-डी एम कफ सिरप बनाने वाली कंपनी ने चंडीगढ़ लैब की रिपोर्ट को चुनौती देते हुए न्यायालय का रुख किया और सैंपल को दोबारा जांच के लिए सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी कोलकाता भेजा गया।
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केंद्रीय लैब से आई अंतिम रिपोर्ट में भी कफ-डी एम कफ सिरप की गुणवत्ता में खामियां पाई गईं और सैंपल को फिर से फेल करार दिया गया। इस रिपोर्ट के बाद अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि संबंधित कफ सिरप निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है और इसका उपयोग स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता था। वहीं सिविल अस्पताल घुमारवीं से लिए गए जिंक सल्फेट सैंपल की रिपोर्ट पहले ही फेल पाई जा चुकी है। यह मामला अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। ड्रग कंट्रोल विभाग ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर संबंधित बैच का बाजार में उपलब्ध पूरा स्टॉक भी वापस मंगवाया जा चुका है, ताकि यह दवाइयां आम लोगों तक आगे न पहुंच सकें।
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कोट
सिविल अस्पताल घुमारवीं तथा झंडूता के एक मेडिकल स्टोर से दवाइयों के सैंपल भरे गए थे, जिनकी रिपोर्ट फेल आई है। उन्होंने कहा कि कफ सिरप बनाने वाली कंपनी द्वारा सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी कोलकाता में करवाई गई दोबारा जांच में भी प्रोडक्ट असफल पाया गया है। अब संबंधित कंपनियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। क्षेत्र में दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान जारी रहेंगे, ताकि लोगों को सुरक्षित और मानक अनुरूप दवाइयां ही उपलब्ध हो सकें। - दिनेश गौतम,दवा निरीक्षक घुमारवीं
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