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Bilaspur News: चेक बाउंस मामले में दोषी को एक साल की सजा
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2.10 लाख रुपये का चेक हुआ था बाउंस, अदालत ने 2.50 लाख मुआवजा देने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी घुमारवीं मोनिका सोमबल की अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोप सिद्ध होने पर रोपड़ी निवासी राज कुमार को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाने के साथ शिकायतकर्ता को 2.50 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता जैल सिंह के अधिवक्ता एके ठाकुर ने बताया कि जैल सिंह और राज कुमार की आपस में अच्छी जान-पहचान थी। इसी के चलते राज कुमार ने जैल सिंह से 2.10 लाख रुपये उधार लिए थे। उधार की राशि वापस करने के लिए राज कुमार ने जैल सिंह को चेक दिया। जैल सिंह ने जब चेक भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण 25 जून 2020 को चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने नियमानुसार राज कुमार को कानूनी नोटिस भेजकर राशि लौटाने के लिए कहा, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद जैल सिंह ने अगस्त 2020 में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत अदालत में शिकायत दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने राज कुमार को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को एक वर्ष के साधारण कारावास के साथ शिकायतकर्ता को 2.50 लाख रुपये मुआवजा अदा करने के आदेश दिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी घुमारवीं मोनिका सोमबल की अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोप सिद्ध होने पर रोपड़ी निवासी राज कुमार को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाने के साथ शिकायतकर्ता को 2.50 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता जैल सिंह के अधिवक्ता एके ठाकुर ने बताया कि जैल सिंह और राज कुमार की आपस में अच्छी जान-पहचान थी। इसी के चलते राज कुमार ने जैल सिंह से 2.10 लाख रुपये उधार लिए थे। उधार की राशि वापस करने के लिए राज कुमार ने जैल सिंह को चेक दिया। जैल सिंह ने जब चेक भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण 25 जून 2020 को चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने नियमानुसार राज कुमार को कानूनी नोटिस भेजकर राशि लौटाने के लिए कहा, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद जैल सिंह ने अगस्त 2020 में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत अदालत में शिकायत दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने राज कुमार को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को एक वर्ष के साधारण कारावास के साथ शिकायतकर्ता को 2.50 लाख रुपये मुआवजा अदा करने के आदेश दिए।
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