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Bilaspur News: लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्राचीन मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा
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भगवान शिव के पूरे परिवार की मूर्तियां की स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के डियारा सेक्टर स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान शिव परिवार और नंदी जी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कर स्थापित किया गया। यह विशेष पूजा और अनुष्ठान पंडित भास्करानंद, पंडित बाबू राम शर्मा की देखरेख में हुआ।
तीन दिन तक चलने वाले अनुष्ठान का मंगलवार को समापन हुआ। मंदिर के बाएं छोर पर स्थित साधना में लीन भगवान शिव की आदमकद मूर्ति के साथ भगवान शिव के पूरे परिवार की मूर्तियां स्थापित की गईं। विशेष रूप से खन्नमुखेश्वर शिव लिंग को जलमग्न शहर से लाकर यहां स्थापित किया गया है। भगवान शंकर के साथ माता गौरा, भगवान गणेश और कार्तिकेय की मूर्तियों की भी प्रतिष्ठापना की गई। यह आयोजन बिलासपुर व्यापार मंडल के प्रधान एवं पूर्व पार्षद नरेंद्र पंडित, पार्षद वीना पंडित,संजीवनी, जगदीश नड्डा के सौजन्य से हुआ। सभी मूर्तियां जयपुर, राजस्थान से लाई गईं। बाकी शिव परिवार की मूर्तियां शाहतलाई से लाई गईं।
सोमवार को मूर्तियों का जल गर्भ, अन्न गर्भ, फल गर्भ, फूल गर्भ विधिवत रूप से किया गया। इसके बाद मंगलवार सुबह हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। बिलासपुर व्यापार मंडल के प्रधान नरेंद्र पंडित ने बताया कि भाखड़ा बांध के निर्माण के समय जब नया शहर बस रहा था, तब खन्नमुखेश्वर शिव लिंग और अन्य मूर्तियां यहां लाई गई थीं। इस दौरान नंदी जी की मूर्ति खंडित हो गई थी। मंगलवार को पूरा दिन भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष कमल गौतम, पंडित परमानंद शर्मा, संतोष मिश्रा, श्याम लाल पंवर, दीपक भल्ला, कमल किशोर, सोनिया, पंडित चमन जुखाला, साहिल खान, साजिद खान, सत्यदेव शर्मा, बलदेव ठाकुर और पूर्व पार्षद वंदना गौतम समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के डियारा सेक्टर स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान शिव परिवार और नंदी जी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कर स्थापित किया गया। यह विशेष पूजा और अनुष्ठान पंडित भास्करानंद, पंडित बाबू राम शर्मा की देखरेख में हुआ।
तीन दिन तक चलने वाले अनुष्ठान का मंगलवार को समापन हुआ। मंदिर के बाएं छोर पर स्थित साधना में लीन भगवान शिव की आदमकद मूर्ति के साथ भगवान शिव के पूरे परिवार की मूर्तियां स्थापित की गईं। विशेष रूप से खन्नमुखेश्वर शिव लिंग को जलमग्न शहर से लाकर यहां स्थापित किया गया है। भगवान शंकर के साथ माता गौरा, भगवान गणेश और कार्तिकेय की मूर्तियों की भी प्रतिष्ठापना की गई। यह आयोजन बिलासपुर व्यापार मंडल के प्रधान एवं पूर्व पार्षद नरेंद्र पंडित, पार्षद वीना पंडित,संजीवनी, जगदीश नड्डा के सौजन्य से हुआ। सभी मूर्तियां जयपुर, राजस्थान से लाई गईं। बाकी शिव परिवार की मूर्तियां शाहतलाई से लाई गईं।
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सोमवार को मूर्तियों का जल गर्भ, अन्न गर्भ, फल गर्भ, फूल गर्भ विधिवत रूप से किया गया। इसके बाद मंगलवार सुबह हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। बिलासपुर व्यापार मंडल के प्रधान नरेंद्र पंडित ने बताया कि भाखड़ा बांध के निर्माण के समय जब नया शहर बस रहा था, तब खन्नमुखेश्वर शिव लिंग और अन्य मूर्तियां यहां लाई गई थीं। इस दौरान नंदी जी की मूर्ति खंडित हो गई थी। मंगलवार को पूरा दिन भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष कमल गौतम, पंडित परमानंद शर्मा, संतोष मिश्रा, श्याम लाल पंवर, दीपक भल्ला, कमल किशोर, सोनिया, पंडित चमन जुखाला, साहिल खान, साजिद खान, सत्यदेव शर्मा, बलदेव ठाकुर और पूर्व पार्षद वंदना गौतम समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
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