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पार्टी के फैसले से कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में भारी रोष

Tue, 03 Nov 2020 11:15 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Nov 2020 11:15 PM IST
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बिलासपुर। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त करने के बाद करीब छह माह बाद सदर मंडल को कांग्रेस अध्यक्ष मिला। इस पद के लिए जिला कांग्रेस की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष को 6 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के नाम भेजे गए थे। हैरानी का विषय यह है कि इन 6 में से सदर मंडल अध्यक्ष के पद पर किसी को भी नियुक्त नहीं किया गया। ऐसे व्यक्ति को मंडल अध्यक्ष बनाया गया जो आज तक जिला कांग्रेस में किसी भी कार्यकारिणी का सदस्य या पदाधिकारी नहीं रहा। इस नियुक्ति पर सदर व जिला कांग्रेस कार्यकारिणी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सवाल खड़े किए हैं। इस संबंध में उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, राजीव शुक्ला, केसी वेणुगोपाल को पत्र भेजा है। पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने पत्र में लिखा है कि सदर ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष की नियुक्ति गलत आधार पर की गई है। ब्लॉक कांग्रेस सदर के अध्यक्ष कभी भी कांग्रेस की कार्यकारिणी में नहीं रहे हैं और पूर्व में हुए लोकसभा चुनावों में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से इन्होंने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार राम लाल ठाकुर की खुल कर बगावत की थी। यह हमेशा ही कांग्रेस पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं।
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वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को ब्लॉक कांग्रेस सदर का नेतृत्व किसकी सिफारिश पर सौंपा गया। पत्र में लिखा गया है कि ध्यान रखा जाए कि जिस व्यक्ति देश राज ठाकुर को ब्लॉक कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया है। पहले उनकी पार्टी के प्रति वफादारी और योगदान तो देख लेते। जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ प्रवक्ता रमेश चौहान को एक बार पर्यवेक्षक बना के भेजा तो उस समय ब्लॉक कांग्रेस सदर के बारे में जो नाम लिए गए थे उनके बारे में निर्णय क्यों नहीं किया। दूसरी बार वीरेंद्र सूद जो प्रदेश कांग्रेस के सचिव हैं, उनको ब्लॉक कांग्रेस बिलासपुर सदर की नियुक्ति के लिए पर्यवेक्षक लगाया गया। उन्होंने जिन नामों को लेकर बैठक में एजेंडा तय किया, उसमें से किसी को भी ब्लॉक अध्यक्ष नहीं बनाया गया। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस नियुक्ति को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। अन्यथा सभी कांग्रेसी अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे। वहीं वीरेंद्र सूद, जिसे ब्लॉक कांग्रेस सदर का प्रभारी नियुक्त किया है। उनके अपने विधानसभा क्षेत्र सुंदरनगर जिला मंडी में उनकी भूमिका पहले ही संदेहास्पद है। इन दोनों ही नियुक्तियों को रद्द करना अति आवश्यक है। इस संबंध में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई बात नहीं की।
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