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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   CM Sukhu said that the use of mobile phones by children in schools will be banned from March 1st

Himachal News: सीएम सुक्खू बोले- स्कूलों में बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल करने पर एक मार्च से लगेगा प्रतिबंध

Thu, 05 Feb 2026 05:25 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 05 Feb 2026 05:25 PM IST
सार

बिलासपुर जिले के घुमारवीं में नेशनल हैंडबाल प्रतियोगिता के समापन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष 1 मार्च के बाद राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में मोबाइल फोन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाएगी तथा स्कूल परिसर में मोबाइल लाने की अनुमति नहीं होगी।

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CM Sukhu said that the use of mobile phones by children in schools will be banned from March 1st
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में 1 मार्च से सभी सरकारी और निजी स्कूलों में के लिए मोबाइल फोन लाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई विद्यार्थी मोबाइल स्कूल लाता है तो उसे जब्त कर लिया जाएगा और साथ ही उस पर 500 रुपये जुर्माना भी लगाया जाएगा। गुरुवार को घुमारवीं में राष्ट्रीय अंडर-19 बालिका हैंडबाल प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह एलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को निर्देश दिए कि इस मामले में शीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक प्रक्रिया और मानक तय किए जाएं। उन्होंने कहा कि जमा दो कक्षा तक के किसी भी विद्यार्थी को विद्यालय परिसर में मोबाइल लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके लिए जो भी नियम और दिशा-निर्देश बनाए जाएंगे, उन्हीं के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जुर्माने के साथ विद्यार्थी को पहली बार चेतावनी भी दी जाएगी। यदि वह दोबारा इस नियम का उल्लंघन करता है तो तय किए गए मानकों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस स्थिति में छात्र के अभिभावकों को भी विद्यालय बुलाकर पूरी प्रक्रिया बताई जाएगी, ताकि बच्चों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित हो सके।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कई स्थानों पर देखा है कि लंच के समय या खाली पीरियड के दौरान बच्चे मोबाइल पर गेम्स खेलने या सामाजिक माध्यमों का उपयोग करने लगते हैं, जबकि यह समय आपसी संवाद, सहपाठियों से बातचीत और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के लिए होना चाहिए। मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटकता है और सामाजिक व्यवहार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कदम छात्रों के हित में होगा और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। मोबाइल पर रोक लगने से विद्यार्थी एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिताएंगे और उनके बीच संवाद भी बढ़ेगा।
 
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स्मार्ट वॉच, फिटनेस बैंड, हेडफोन और टैबलेट पर भी रोक
स्कूलों में विद्यार्थी स्मार्ट वॉच, फिटनेस बैंड, हेडफोन, टैबलेट, म्यूजिक प्लेयर, गेमिंग डिवाइस या अन्य किसी भी प्रकार के निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी नहीं ला सकेंगे। राज्य सरकार ने शिक्षण संस्थानों में इलेक्ट्रानिक गैजेट्स इस्तेमाल पर पहले ही रोक लगा दी है।

 
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शिक्षकों के लिए भी नियम किए गए हैं सख्त
राज्य सरकार ने शिक्षकों के लिए भी मोबाइल उपयोग को लेकर सख्त नियम तय किए हैं। कक्षा, लैब, परीक्षाओं या किसी भी शैक्षणिक गतिविधि के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। केवल शैक्षणिक कार्य, आधिकारिक एप्स, डिजिटल कंटेंट, उपस्थिति या आपात स्थिति में ही सीमित उपयोग की अनुमति होगी। सोशल मीडिया, गेमिंग, मनोरंजन या गैर-शैक्षणिक वीडियो-ऑडियो देखने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
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