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भाखड़ा विस्थापितों की भी सुध लें सीएम : देशराज
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कल्लर में ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक का आयोजन
समस्याओं को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)।
जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक का आयोजन कल्लर में किया गया। इसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष देशराज शर्मा ने की। बैठक में भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
देशराज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पौंग विस्थापितों के वन अधिकार अधिनियम के तहत लंबित दावों के मामलों को सुलझाने के लिए 15 अगस्त को घोषणा कर दी। पौंग बांध से पहले विस्थापित हुए भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए कुछ नहीं कहा।
उन्होंने कहा कि पौंग विस्थापितों की समस्याएं हल होनी चाहिए। लेकिन प्रदेश सरकार को भाखड़ा विस्थापितों की सुध भी लेनी चाहिए। साठ के दशक में भाखड़ा बांध के कारण अस्तित्व में आई गोबिंद सागर झील की आगोश में 350 गांव आए। 41 हजार एकड़ जमीन इसकी चपेट में आ गई थी। उस समय विस्थापितों के पुनर्वास के लिए किसी नीति का निर्धारण नहीं हो पाया। कुछ विस्थापितों को हरियाणा के हिसार व राजस्थान में बसाया गया जबकि कुछ को तत्कालीन राजस्व कर्मियों ने जहां कहा वहां पर आशियाने बना लिए।
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उन्होंने कहा कि साक्षरता दर कम होने के कारण कई लोगों ने जंगलों में अपने आशियाने बना लिए जबकि सरकार की तरफ से उन्हें जमीन कहीं और पर मिली थी। इस कारण इन लोगों पर दोबारा से विस्थापन की तलवार लटक गई है। करीब 350 विस्थापितों के बिजली व पानी के कनेक्शन साल 2016 में काटे जा चुके हैं। विस्थापित सरकार से एक सूत्रीय मांग करते आ रहे हैं कि उनके क्षेत्र का मिनी सेटलमेंट कराया जाए। उनके स्वामित्व वाली भूमि का मालिकाना हक उन्हें प्रदान कर दिया जाए ताकि उनके ऊपर दोबारा से लटक रही विस्थापित होने की तलवार सदा के लिए हट जाए।
उन्होंने कहा कि वीरवार को उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा जिसमें पौंग बांध विस्थापितों की तर्ज पर भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को हल करने की मांग की जाएगी। इस मौके पर बैहना जट्टा पंचायत के पूर्व प्रधान राज कुमार, लक्ष्मण धीमान, राकेश कुमार, जगदीश और राम स्वरूप सहित अन्य सदस्य रहे।
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समस्याओं को लेकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)।
जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक का आयोजन कल्लर में किया गया। इसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष देशराज शर्मा ने की। बैठक में भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
देशराज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पौंग विस्थापितों के वन अधिकार अधिनियम के तहत लंबित दावों के मामलों को सुलझाने के लिए 15 अगस्त को घोषणा कर दी। पौंग बांध से पहले विस्थापित हुए भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए कुछ नहीं कहा।
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उन्होंने कहा कि पौंग विस्थापितों की समस्याएं हल होनी चाहिए। लेकिन प्रदेश सरकार को भाखड़ा विस्थापितों की सुध भी लेनी चाहिए। साठ के दशक में भाखड़ा बांध के कारण अस्तित्व में आई गोबिंद सागर झील की आगोश में 350 गांव आए। 41 हजार एकड़ जमीन इसकी चपेट में आ गई थी। उस समय विस्थापितों के पुनर्वास के लिए किसी नीति का निर्धारण नहीं हो पाया। कुछ विस्थापितों को हरियाणा के हिसार व राजस्थान में बसाया गया जबकि कुछ को तत्कालीन राजस्व कर्मियों ने जहां कहा वहां पर आशियाने बना लिए।
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उन्होंने कहा कि साक्षरता दर कम होने के कारण कई लोगों ने जंगलों में अपने आशियाने बना लिए जबकि सरकार की तरफ से उन्हें जमीन कहीं और पर मिली थी। इस कारण इन लोगों पर दोबारा से विस्थापन की तलवार लटक गई है। करीब 350 विस्थापितों के बिजली व पानी के कनेक्शन साल 2016 में काटे जा चुके हैं। विस्थापित सरकार से एक सूत्रीय मांग करते आ रहे हैं कि उनके क्षेत्र का मिनी सेटलमेंट कराया जाए। उनके स्वामित्व वाली भूमि का मालिकाना हक उन्हें प्रदान कर दिया जाए ताकि उनके ऊपर दोबारा से लटक रही विस्थापित होने की तलवार सदा के लिए हट जाए।
उन्होंने कहा कि वीरवार को उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा जिसमें पौंग बांध विस्थापितों की तर्ज पर भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को हल करने की मांग की जाएगी। इस मौके पर बैहना जट्टा पंचायत के पूर्व प्रधान राज कुमार, लक्ष्मण धीमान, राकेश कुमार, जगदीश और राम स्वरूप सहित अन्य सदस्य रहे।