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जयराम सरकार करो कमाल, पुरानी पेंशन करो बहाल
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बिलासपुर। पुरानी पेंशन बहाली के लिए न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ बिलासपुर ने जिले में रैली निकाली। इसके बाद करीब तीन घंटे तक सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। जिला प्रधान राजेंद्र वर्धन की अध्यक्षता में धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने के बाद कर्मचारियों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा।
पुरानी पेंशन बहाली के लिए बिलासपुर में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से रैली शुरू की गई। मेन मार्केट से होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची। कर्मचारियों ने मुख्यालय पर करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। रैली में जिले के करीब एक हजार एनपीएसईए कर्मचारी मौजूद रहे। जयराम सरकार करो कमाल, पुरानी पेंशन करो बहाल, एक ही नारा एक ही काम, पुरानी पेंशन हमारे नाम, शौक नहीं साहब मजबूरी है, बिन पेंशन जिंदगी अधूरी है, जो ओपीएस की बात करेगा, वहीं देश पर राज करेगा और एक पेंशन दो विधान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान नारों से पूरा बिलासपुर गूंज उठा।
इस मौके पर एनपीएसईए ने उपायुक्त के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। जिला प्रधान राजेंद्र वर्धन ने कहा कि संगठन पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कई आंदोलन कर चुका है। लेकिन सरकार कर्मचारियों के हित के लिए पुरानी पेंशन बहाल नहीं कर रही है।
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उन्होंने बताया कि बार-बार निवेदन के बाद भी अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल पाया। इस कारण मजबूरन धरने-प्रदर्शनों का सहारा लेना पड़ रहा है। कहा कि पुरानी पेंशन बहाली हिमाचल प्रदेश के एक लाख कर्मचारियों के लिए एक गंभीर विषय है। प्रदेश में एनपीएसईए पुरानी पेंशन बहाली के लिए पिछले कई वर्षों से प्रयासरत है। कहा कि एनपीएस में केवल खामियां ही हैं। केंद्र सरकार ने भी इन खामियों को देखते हुए मई 2009 से कर्मचारियों के हित में पारिवारिक पेंशन प्रदान कर दी है। संगठन ने सरकार से मांग की कि बेसहारा हुए परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की अधिसूचना जल्द जारी की जाए। यदि सरकार अब भी मांग को सकारात्मक रूप से हल नहीं करती है तो 12 नवंबर को प्रदेश भर में एनपीएसईए गेट मीटिंग करेगा और 24 नवंबर को पेन डाउन स्ट्राइक की जाएगी।
इस मौके पर राज्य कोषाध्यक्ष शशीपाल शर्मा, राज्य मुख्य सलाहकार अश्वनी राणा, सदर खंड प्रधान अजय कुमार डोड, घुमारवीं प्रधान प्रवीण चंदेल, भराड़ी प्रधान संजीव कपिल, झंडूता प्रधान अक्षय कालिया मौजूद रहे।
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पुरानी पेंशन बहाली के लिए बिलासपुर में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से रैली शुरू की गई। मेन मार्केट से होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची। कर्मचारियों ने मुख्यालय पर करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। रैली में जिले के करीब एक हजार एनपीएसईए कर्मचारी मौजूद रहे। जयराम सरकार करो कमाल, पुरानी पेंशन करो बहाल, एक ही नारा एक ही काम, पुरानी पेंशन हमारे नाम, शौक नहीं साहब मजबूरी है, बिन पेंशन जिंदगी अधूरी है, जो ओपीएस की बात करेगा, वहीं देश पर राज करेगा और एक पेंशन दो विधान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान नारों से पूरा बिलासपुर गूंज उठा।
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इस मौके पर एनपीएसईए ने उपायुक्त के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। जिला प्रधान राजेंद्र वर्धन ने कहा कि संगठन पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कई आंदोलन कर चुका है। लेकिन सरकार कर्मचारियों के हित के लिए पुरानी पेंशन बहाल नहीं कर रही है।
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उन्होंने बताया कि बार-बार निवेदन के बाद भी अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल पाया। इस कारण मजबूरन धरने-प्रदर्शनों का सहारा लेना पड़ रहा है। कहा कि पुरानी पेंशन बहाली हिमाचल प्रदेश के एक लाख कर्मचारियों के लिए एक गंभीर विषय है। प्रदेश में एनपीएसईए पुरानी पेंशन बहाली के लिए पिछले कई वर्षों से प्रयासरत है। कहा कि एनपीएस में केवल खामियां ही हैं। केंद्र सरकार ने भी इन खामियों को देखते हुए मई 2009 से कर्मचारियों के हित में पारिवारिक पेंशन प्रदान कर दी है। संगठन ने सरकार से मांग की कि बेसहारा हुए परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की अधिसूचना जल्द जारी की जाए। यदि सरकार अब भी मांग को सकारात्मक रूप से हल नहीं करती है तो 12 नवंबर को प्रदेश भर में एनपीएसईए गेट मीटिंग करेगा और 24 नवंबर को पेन डाउन स्ट्राइक की जाएगी।
इस मौके पर राज्य कोषाध्यक्ष शशीपाल शर्मा, राज्य मुख्य सलाहकार अश्वनी राणा, सदर खंड प्रधान अजय कुमार डोड, घुमारवीं प्रधान प्रवीण चंदेल, भराड़ी प्रधान संजीव कपिल, झंडूता प्रधान अक्षय कालिया मौजूद रहे।