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जातिगत नहीं, आर्थिक आधार पर हो आरक्षण
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बिलासपुर। सामान्य वर्ग संयुक्त मंच हिमाचल प्रदेश की राज्य स्तरीय बैठक जिला परिषद हाल बिलासपुर में अमर सिंह गुलेरिया की अध्यक्षता हुई। इसमें सामान्य वर्ग के संगठनों विशेषकर ब्राह्मण सभा, महाजन सभा, खत्री सभा, राजपूत व क्षत्रिय सभाएं, नामधारी संगत व आहलूवालिया सभा के पदाधिकारियों ने भाग लिया और सामान्य वर्ग से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं पर चिंतन करके आगामी रणनीति तैयार की।
अधिवेशन में सभी वक्ताओं ने सर्वसम्मति से केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से 25 फीसदी एससी/एसटी वर्ग के तुष्टीकरण के नाम पर 75 फीसदी सामान्य वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ करने व उन्हें प्रताड़ित करने की कड़ी निंदा की गई। सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के प्रदेश संयोजक केएस जम्वाल ने कहा कि हिमाचल सरकार ने हाल ही में सामान्य वर्ग के बीपीएल परिवारों को दिए गए 7 फीसदी कोटे को आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों को दिए गए 10 फीसदी कोटे में समाहित कर दिया है। जबकि एससी/एसटी वर्ग के लिए इसे अलग से ही रहने दिया है और बाहरी राज्यों के एससी/एसटी व जनरल कैटेगिरी के अभ्यर्थियों को हिमाचल के सामान्य वर्ग के कोटे में नौकरियां दी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत दायर मुकद्दमों पर करोड़ों रुपये अंधाधुंध खर्च कर रही है। इससे प्रदेश में झूठे व मनगढ़ंत केस दर्ज करने की होड़ सी लग गई है। एक आरटीआई के माध्यम से पता चला है कि हिमाचल सरकार ने अकेले वर्ष 2018-2019 में 3.35 करोड़ और वर्ष 2019-20 में 2.90 करोड़ रुपये इस मद में खर्च किया है। बैठक में जातिगत आरक्षण को तुरंत बंद करके इसे पूर्ण रूप से आर्थिक आधार पर लागू करने और एससी कैटेगिरी में अंतरजातीय विवाह करने पर 2.5 लाख की भारी भरकम राशि देने को तुरंत बंद करने का आग्रह किया गया। बैठक में हिमाचल सरकार से ऐसे अनैतिक निर्णय लेने व सरकारी धन के अंधाधुंध दुरुपयोग करने को शीघ्र बंद करने का आग्रह किया।
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बैठक में सर्वसम्मति से केंद्र व प्रदेश सरकारों की ओर से जातिगत आरक्षण की आड़ में सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों को मेरिट के आधार पर पीछे धकेलने, मेडिकल व दूसरे इंजीनियरिंग कॉलेजों में फीस व स्कॉलरशिप आदि में भेदभाव करने जैसे जातिगत भेदभाव को समाप्त करने का भी आग्रह किया। कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो प्रदेश का सामान्य वर्ग विशेषकर युवा व महिला वर्ग एकजुट होकर इसके विरोध में सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएगा।
इनसेट
केएस जमवाल बने सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के प्रदेशाध्यक्ष
अधिवेशन के दूसरे सत्र में प्रदेश स्तरीय सामान्य वर्ग संयुक्त मंच की कार्यकारिणी का गठन अमर सिंह गुलेरिया की अध्यक्षता में किया गया। एस जमवाल को अध्यक्ष, भूपेंद्र ठाकुर, जितेंद्र वशिष्ठ, एमएल गुप्ता को वरिष्ठ प्रधान, ठाकुर प्रेमलाल को उपप्रधान, जगरूप सिंह राणा को महासचिव, संदीप सूद को कोषाध्यक्ष, सुदेश राणा को महिला मोर्चा प्रधान, रूमित सिंह ठाकुर को युवा मोर्चा प्रधान बनाया गया। बैठक में मुख्यमंत्री से सामान्य वर्ग संयुक्त मंच की विशेष बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया। ताकि लंबित समस्याओं का समाधान किया जा सके।
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अधिवेशन में सभी वक्ताओं ने सर्वसम्मति से केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से 25 फीसदी एससी/एसटी वर्ग के तुष्टीकरण के नाम पर 75 फीसदी सामान्य वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ करने व उन्हें प्रताड़ित करने की कड़ी निंदा की गई। सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के प्रदेश संयोजक केएस जम्वाल ने कहा कि हिमाचल सरकार ने हाल ही में सामान्य वर्ग के बीपीएल परिवारों को दिए गए 7 फीसदी कोटे को आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों को दिए गए 10 फीसदी कोटे में समाहित कर दिया है। जबकि एससी/एसटी वर्ग के लिए इसे अलग से ही रहने दिया है और बाहरी राज्यों के एससी/एसटी व जनरल कैटेगिरी के अभ्यर्थियों को हिमाचल के सामान्य वर्ग के कोटे में नौकरियां दी जा रही हैं।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत दायर मुकद्दमों पर करोड़ों रुपये अंधाधुंध खर्च कर रही है। इससे प्रदेश में झूठे व मनगढ़ंत केस दर्ज करने की होड़ सी लग गई है। एक आरटीआई के माध्यम से पता चला है कि हिमाचल सरकार ने अकेले वर्ष 2018-2019 में 3.35 करोड़ और वर्ष 2019-20 में 2.90 करोड़ रुपये इस मद में खर्च किया है। बैठक में जातिगत आरक्षण को तुरंत बंद करके इसे पूर्ण रूप से आर्थिक आधार पर लागू करने और एससी कैटेगिरी में अंतरजातीय विवाह करने पर 2.5 लाख की भारी भरकम राशि देने को तुरंत बंद करने का आग्रह किया गया। बैठक में हिमाचल सरकार से ऐसे अनैतिक निर्णय लेने व सरकारी धन के अंधाधुंध दुरुपयोग करने को शीघ्र बंद करने का आग्रह किया।
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बैठक में सर्वसम्मति से केंद्र व प्रदेश सरकारों की ओर से जातिगत आरक्षण की आड़ में सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों को मेरिट के आधार पर पीछे धकेलने, मेडिकल व दूसरे इंजीनियरिंग कॉलेजों में फीस व स्कॉलरशिप आदि में भेदभाव करने जैसे जातिगत भेदभाव को समाप्त करने का भी आग्रह किया। कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो प्रदेश का सामान्य वर्ग विशेषकर युवा व महिला वर्ग एकजुट होकर इसके विरोध में सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएगा।
इनसेट
केएस जमवाल बने सामान्य वर्ग संयुक्त मंच के प्रदेशाध्यक्ष
अधिवेशन के दूसरे सत्र में प्रदेश स्तरीय सामान्य वर्ग संयुक्त मंच की कार्यकारिणी का गठन अमर सिंह गुलेरिया की अध्यक्षता में किया गया। एस जमवाल को अध्यक्ष, भूपेंद्र ठाकुर, जितेंद्र वशिष्ठ, एमएल गुप्ता को वरिष्ठ प्रधान, ठाकुर प्रेमलाल को उपप्रधान, जगरूप सिंह राणा को महासचिव, संदीप सूद को कोषाध्यक्ष, सुदेश राणा को महिला मोर्चा प्रधान, रूमित सिंह ठाकुर को युवा मोर्चा प्रधान बनाया गया। बैठक में मुख्यमंत्री से सामान्य वर्ग संयुक्त मंच की विशेष बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया। ताकि लंबित समस्याओं का समाधान किया जा सके।