{"_id":"5e9b12708ebc3e6fd73c9389","slug":"civic-amenities-bilaspur-news-sml330717421","type":"story","status":"publish","title_hn":"संकट की घड़ी में ट्रक ऑपरेटर को सभा दे आर्थिक सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संकट की घड़ी में ट्रक ऑपरेटर को सभा दे आर्थिक सहायता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। कोरोना वायरस के चलते ट्रक ऑपरेटरों को संकट के समय बीडीटीएस ऑपरेटर सभा करोड़ों रुपये की जमा पूंजी का कम से कम 3 वर्षों का ब्याज वितरित करे। ताकि बीडीटीएस सभा के करीब दो हजार ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके। सभा के पूर्व प्रधान एवं कार्यकारिणी सदस्य रमेश ठाकुर, पूर्व महासचिव व सदस्य कुलदीप गौतम, पूर्व उपाध्यक्ष एवं सदस्य चंदूराम ठाकुर, पूर्व चेयरमैन एवं सदस्य पवन कौशल, सदस्य विनय वर्मा, कमल किशोर सहित अन्य ऑपरेटरों ने सभा प्रधान से यह मांग उठाई है।
कहा कि ऑपरेटरों के हित को देखते हुए फैसला लेकर ऑपरेटरों के खाते में कम से कम बीस हजार प्रति ट्रक खाते में डालें। पूर्व प्रधान ने कहा कि उनके कार्यकाल में दो वर्ष पहले हुए साधारण अधिवेशन में सभा को लाभांश में लाने के लिए कई निर्णय हुए थे। इस कारण सभा का लाभांश बढ़ा है। ऑपरेटर को मरणोपरांत दो लाख की आर्थिक सहायता पहले एक फीसदी काटे जाने वाले भाड़ा कमीशन से दी जाती थी। लेकिन अधिवेशन सभा में लिए निर्णय अनुसार सीधी ऑपरेटरों के बाउचर से आर्थिक राहत राशि काटकर देनी शुरू हुई। दिवाली व नववर्ष पर लाखों के होने वाले खर्चे पर भी कटौती के लिए अधिवेशन में निर्णय लिया था। कई खर्चों पर रोक लगाकर सभा की प्रतिवर्ष लाभांश दर बढ़ी है।
लाभांश की दशा में इनकम टैक्स के रूप में भी सभा को लाखों रुपये की राशि देनी पड़ती है। इससे तो बेहतर है कि संकट के समय आर्थिक सहायता ऑपरेटरों को दे दी जाए। उन्होंने कहा जब सभा प्रदेश में आए मानवीय संकट के लिए हर समय धनराशि देकर आर्थिक सहायता काटने के लिए आगे रहती है तो ऑपरेटरों को भी इस संकट की घड़ी में आर्थिक सहायता देना उचित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा कि ऑपरेटरों के हित को देखते हुए फैसला लेकर ऑपरेटरों के खाते में कम से कम बीस हजार प्रति ट्रक खाते में डालें। पूर्व प्रधान ने कहा कि उनके कार्यकाल में दो वर्ष पहले हुए साधारण अधिवेशन में सभा को लाभांश में लाने के लिए कई निर्णय हुए थे। इस कारण सभा का लाभांश बढ़ा है। ऑपरेटर को मरणोपरांत दो लाख की आर्थिक सहायता पहले एक फीसदी काटे जाने वाले भाड़ा कमीशन से दी जाती थी। लेकिन अधिवेशन सभा में लिए निर्णय अनुसार सीधी ऑपरेटरों के बाउचर से आर्थिक राहत राशि काटकर देनी शुरू हुई। दिवाली व नववर्ष पर लाखों के होने वाले खर्चे पर भी कटौती के लिए अधिवेशन में निर्णय लिया था। कई खर्चों पर रोक लगाकर सभा की प्रतिवर्ष लाभांश दर बढ़ी है।
विज्ञापन
लाभांश की दशा में इनकम टैक्स के रूप में भी सभा को लाखों रुपये की राशि देनी पड़ती है। इससे तो बेहतर है कि संकट के समय आर्थिक सहायता ऑपरेटरों को दे दी जाए। उन्होंने कहा जब सभा प्रदेश में आए मानवीय संकट के लिए हर समय धनराशि देकर आर्थिक सहायता काटने के लिए आगे रहती है तो ऑपरेटरों को भी इस संकट की घड़ी में आर्थिक सहायता देना उचित है।
विज्ञापन