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Bilaspur News: घुमारवीं में बनेगा बाल आश्रम, 50 बच्चों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय
Wed, 24 Jun 2026 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 24 Jun 2026 11:34 PM IST
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विकास की बात
दो करोड़ रुपये स्वीकृत, पलसोटी गांव में जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में घोषित किए हैं नौ बाल आश्रम
संजीव शामा
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रदेश में घोषित नौ बाल आश्रमों की स्थापना योजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इन बाल आश्रमों की घोषणा की है। इसी क्रम में घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के पलसोटी गांव में बाल आश्रम स्थापित किया जाएगा। इसके लिए करीब दो बीघा भूमि महिला एवं बाल विकास विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह राशि लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध करवा दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। प्रस्तावित बाल आश्रम में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के रहने की व्यवस्था होगी। प्रारंभिक चरण में यहां 50 बच्चों को आश्रय देने की क्षमता विकसित की जाएगी। आश्रम को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। भवन में बच्चों के लिए अलग-अलग आवासीय कक्षों के साथ दो कक्षाएं, स्वास्थ्य कक्ष, डाइनिंग हॉल, मनोरंजन कक्ष, पुस्तकालय, परामर्श कक्ष तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए वर्कशॉप का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा पांच स्नानघर, आठ शौचालय और खेल गतिविधियों के लिए एक बड़ा खेल मैदान भी बनाया जाएगा। बाल आश्रम में बच्चों को सुरक्षित आवास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, मनोवैज्ञानिक परामर्श, पुनर्वास और कौशल विकास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में सम्मानजनक और स्वावलंबी जीवन जी सकें। यह बाल आश्रम जरूरतमंद और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुरक्षित ठिकाना साबित होगा और उनके बेहतर भविष्य की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। संवाद
कोट
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बच्चों के संरक्षण, शिक्षा और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं के पलसोटी में बनने वाला बाल आश्रम जरूरतमंद बच्चों के लिए सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त केंद्र होगा। यहां बच्चों को आवास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, परामर्श और कौशल विकास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि सरकार बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। -राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री
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दो करोड़ रुपये स्वीकृत, पलसोटी गांव में जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में घोषित किए हैं नौ बाल आश्रम
संजीव शामा
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रदेश में घोषित नौ बाल आश्रमों की स्थापना योजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इन बाल आश्रमों की घोषणा की है। इसी क्रम में घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के पलसोटी गांव में बाल आश्रम स्थापित किया जाएगा। इसके लिए करीब दो बीघा भूमि महिला एवं बाल विकास विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। यह राशि लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध करवा दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। प्रस्तावित बाल आश्रम में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के रहने की व्यवस्था होगी। प्रारंभिक चरण में यहां 50 बच्चों को आश्रय देने की क्षमता विकसित की जाएगी। आश्रम को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। भवन में बच्चों के लिए अलग-अलग आवासीय कक्षों के साथ दो कक्षाएं, स्वास्थ्य कक्ष, डाइनिंग हॉल, मनोरंजन कक्ष, पुस्तकालय, परामर्श कक्ष तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए वर्कशॉप का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा पांच स्नानघर, आठ शौचालय और खेल गतिविधियों के लिए एक बड़ा खेल मैदान भी बनाया जाएगा। बाल आश्रम में बच्चों को सुरक्षित आवास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, मनोवैज्ञानिक परामर्श, पुनर्वास और कौशल विकास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में सम्मानजनक और स्वावलंबी जीवन जी सकें। यह बाल आश्रम जरूरतमंद और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुरक्षित ठिकाना साबित होगा और उनके बेहतर भविष्य की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। संवाद
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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बच्चों के संरक्षण, शिक्षा और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं के पलसोटी में बनने वाला बाल आश्रम जरूरतमंद बच्चों के लिए सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त केंद्र होगा। यहां बच्चों को आवास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, परामर्श और कौशल विकास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि सरकार बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। -राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री
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