{"_id":"6ae4ebc0c8faee704f01ad27","slug":"children-at-sunhani-school-were-taught-how-to-properly-dispose-of-e-waste-bilaspur-news-c-92-1-bls1002-170972-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: सुन्हाणी स्कूल में बच्चों को सिखाया ई-कचरे के सही निपटान का तरीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: सुन्हाणी स्कूल में बच्चों को सिखाया ई-कचरे के सही निपटान का तरीका
विज्ञापन
सुन्हाणी स्कूल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में प्रस्तुति देती हुई छात्राएं। स्रोत: स्कूल प्रब
मोबाइल, बैटरी और खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सामान्य कचरे में न फेंकने का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुन्हाणी के अश्वथ ईको क्लब की ओर से ई-कचरा संग्रहण और उसके उचित निपटान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम प्रभारी जोगेश्वर के नेतृत्व में आयोजित इस गतिविधि में विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि पुराने मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैटरी, चार्जर, टेलीविजन और अन्य खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में नहीं फेंकना चाहिए। इनका गलत तरीके से निपटान पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
प्रधानाचार्य जगदीश कुमार ने कहा कि आधुनिक समय में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ई-कचरे की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। ऐसे में इसका उचित संग्रहण और अधिकृत केंद्रों के माध्यम से निपटान जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घरों और आसपास के लोगों को भी ई-कचरे के सही प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। इस अवसर पर विद्यालय का स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुन्हाणी के अश्वथ ईको क्लब की ओर से ई-कचरा संग्रहण और उसके उचित निपटान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम प्रभारी जोगेश्वर के नेतृत्व में आयोजित इस गतिविधि में विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि पुराने मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैटरी, चार्जर, टेलीविजन और अन्य खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में नहीं फेंकना चाहिए। इनका गलत तरीके से निपटान पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य जगदीश कुमार ने कहा कि आधुनिक समय में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ई-कचरे की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। ऐसे में इसका उचित संग्रहण और अधिकृत केंद्रों के माध्यम से निपटान जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घरों और आसपास के लोगों को भी ई-कचरे के सही प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। इस अवसर पर विद्यालय का स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विज्ञापन