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कानूनी बाध्यता नहीं, मानवीय जिम्मेदारी है बाल संरक्षण : एडीसी

Mon, 10 Feb 2025 11:18 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2025 11:18 PM IST
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Child protection is not a legal obligation, it is a human responsibility: ADC
बिलासपुर के बचत भवन में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते एडीसी डॉ निधि पटेल व उपस्थित अन्य ।
- सबसे संवेदनशील बच्चों के लिए आश्रय स्थल हैं बाल देखभाल संस्थान
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-ऑनलाइन उपलब्ध होना चाहिए संस्थाओं को मिलने वाले डोनेशन का रिकॉर्ड

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा बाल देखभाल और संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाने और बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) को सशक्त करने के उद्देश्य से सोमवार को बचत भवन में एक दिवसीय कार्यशाला हुई। एडीसी डॉ. निधि पटेल की अध्यक्षता मेें हुई कार्यशाला में उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य बाल देखभाल संस्थानों, विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण के संदर्भ में अधिक संवेदनशील एवं बेहतर प्रबंधन हेतु प्रशिक्षित करना है। बाल देखभाल संस्थान समाज के सबसे संवेदनशील बच्चों के लिए आश्रय स्थल होते हैं और इन संस्थानों को सशक्त बनाना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक नैतिक कर्तव्य भी है। कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सुरक्षित, समावेशी एवं स्नेहपूर्ण वातावरण मिलना चाहिए। इसके लिए सभी को मिलकर इन संस्थानों को और अधिक प्रभावी एवं संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। जिले में जेजे एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत प्रशासन समय पर संस्थानों का निरीक्षण करता है, ताकि उनकी समस्याओं एवं कमियों की पहचान कर उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने उपस्थित विभिन्न संस्थाओं के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों से कहा कि इस कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाया जाए ताकि इन संस्थाओं में और अधिक सुधार लाया जा सके।

उन्होंने कहा कि संस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए समस्त दस्तावेजों को सही तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। प्रशासन और एनजीओ के बीच तालमेल बनाना भी जरूरी है। सुझाव दिया कि संस्थाओं को मिलने वाले दान (डोनेशन) का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होना चाहिए, ताकि आम जनता का इन संस्थानों पर विश्वास बना रहे। निर्देश दिए कि भविष्य में आयोजित होने वाली कार्यशालाओं में उन संस्थाओं का उल्लेख अवश्य किया जाए जो बेहतर कार्य कर रही हैं, ताकि उनकी कार्य प्रणाली और उनके माध्यम से लाभान्वित बच्चों की सही जानकारी प्राप्त हो सके। इस कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने उपस्थित एनजीओ प्रतिनिधियों को विभिन्न अधिनियमों एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
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