{"_id":"6aa5a1efaaf55d25740a46d6","slug":"central-research-facility-and-newborn-screening-lab-inaugurated-at-aiims-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-167620-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: एम्स में केंद्रीय अनुसंधान सुविधा और नवजात स्क्रीनिंग लैब शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: एम्स में केंद्रीय अनुसंधान सुविधा और नवजात स्क्रीनिंग लैब शुरू
विज्ञापन
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने किया उद्घाटन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में चिकित्सा अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए केंद्रीय अनुसंधान सुविधा और नवजात स्क्रीनिंग लैब की शुरुआत की गई। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने शनिवार को इन सुविधाओं का औपचारिक उद्घाटन किया। यह उद्घाटन संस्थान के पहले रिसर्च डे के अवसर पर हुआ। इन सुविधाओं से एम्स में अत्याधुनिक शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। एम्स बिलासपुर में आयोजित रिसर्च डे में चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों, फैकल्टी सदस्यों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। डॉ. राजीव बहल ने भारत में मेडिकल संस्थानों में शोध, विजन, रणनीति और कार्रवाई विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने जोर दिया कि शोध का उद्देश्य केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं होना चाहिए। ऐसे शोध को प्राथमिकता मिले जिसका सीधा असर समुदाय के स्वास्थ्य पर पड़े। डॉ. बहल ने नवाचार, नई खोज और लक्षित अनुसंधान की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए शोध को जमीनी जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाना होगा। एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रो. डॉ. एनके अरोड़ा ने उच्च प्रभाव वाले शोध कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शैक्षणिक जीवन के शुरुआती दौर से ही शोध गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।
डॉ. राजीव बहल ने एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रो. डॉ. एनके अरोड़ा के साथ वैज्ञानिक पोस्टर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों और विद्यार्थियों ने अपने शोध कार्य प्रदर्शित किए। प्रदर्शनी वैज्ञानिक विचारों के आदान-प्रदान का केंद्र बनी रही। कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह और डीन रिसर्च डॉ. अनुपम पाराशर ने शोधकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने उनके कार्यों की जानकारी ली और उन्हें प्रोत्साहित किया।
कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह ने एम्स बिलासपुर की विकास यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संस्थान चिकित्सा शिक्षा, मरीजों की देखभाल और शोध के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डीन रिसर्च डॉ. अनुपम पाराशर ने रिसर्च सेक्शन की गतिविधियों पर वीडियो प्रस्तुति दी। उन्होंने संस्थान में किए जा रहे शोध कार्यों की जानकारी दी। भविष्य की कार्ययोजना और प्राथमिकताओं को भी सामने रखा गया। नवजात स्क्रीनिंग लैब के माध्यम से नवजात शिशुओं से संबंधित स्क्रीनिंग और शोध कार्यों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। यह सुविधा एम्स बिलासपुर में विभिन्न क्षेत्रों में शोध गतिविधियों को संस्थागत स्तर पर मजबूती देगी। कार्यक्रम के समापन पर रिसर्च डे की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार दिए गए। इससे शोध के क्षेत्र में नए विचारों, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहन मिला। एसोसिएट डीन रिसर्च डॉ. पूजन डोगरा मरवाहा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
विज्ञापन
धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन एसोसिएट डीन रिसर्च डॉ. पूजन डोगरा मरवाहा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। कार्यक्रम में डीन अकादमिक डॉ. रुपाली पार्लेवार, डीन एग्जामिनेशन डॉ. निधि पुरी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. दिनेश वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक के कुलपति डॉ. डीके वर्मा, आईजीएमसी शिमला की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर, एसएलबीएस-जीएमसी नेरचौक मंडी के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार भवानी, बिलासपुर के सीएमओ डॉ. शशि दत्त शर्मा और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना के फैकल्टी सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में चिकित्सा अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए केंद्रीय अनुसंधान सुविधा और नवजात स्क्रीनिंग लैब की शुरुआत की गई। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने शनिवार को इन सुविधाओं का औपचारिक उद्घाटन किया। यह उद्घाटन संस्थान के पहले रिसर्च डे के अवसर पर हुआ। इन सुविधाओं से एम्स में अत्याधुनिक शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। एम्स बिलासपुर में आयोजित रिसर्च डे में चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों, फैकल्टी सदस्यों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। डॉ. राजीव बहल ने भारत में मेडिकल संस्थानों में शोध, विजन, रणनीति और कार्रवाई विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने जोर दिया कि शोध का उद्देश्य केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं होना चाहिए। ऐसे शोध को प्राथमिकता मिले जिसका सीधा असर समुदाय के स्वास्थ्य पर पड़े। डॉ. बहल ने नवाचार, नई खोज और लक्षित अनुसंधान की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए शोध को जमीनी जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाना होगा। एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रो. डॉ. एनके अरोड़ा ने उच्च प्रभाव वाले शोध कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शैक्षणिक जीवन के शुरुआती दौर से ही शोध गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।
डॉ. राजीव बहल ने एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रो. डॉ. एनके अरोड़ा के साथ वैज्ञानिक पोस्टर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों और विद्यार्थियों ने अपने शोध कार्य प्रदर्शित किए। प्रदर्शनी वैज्ञानिक विचारों के आदान-प्रदान का केंद्र बनी रही। कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह और डीन रिसर्च डॉ. अनुपम पाराशर ने शोधकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने उनके कार्यों की जानकारी ली और उन्हें प्रोत्साहित किया।
विज्ञापन
कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह ने एम्स बिलासपुर की विकास यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संस्थान चिकित्सा शिक्षा, मरीजों की देखभाल और शोध के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डीन रिसर्च डॉ. अनुपम पाराशर ने रिसर्च सेक्शन की गतिविधियों पर वीडियो प्रस्तुति दी। उन्होंने संस्थान में किए जा रहे शोध कार्यों की जानकारी दी। भविष्य की कार्ययोजना और प्राथमिकताओं को भी सामने रखा गया। नवजात स्क्रीनिंग लैब के माध्यम से नवजात शिशुओं से संबंधित स्क्रीनिंग और शोध कार्यों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। यह सुविधा एम्स बिलासपुर में विभिन्न क्षेत्रों में शोध गतिविधियों को संस्थागत स्तर पर मजबूती देगी। कार्यक्रम के समापन पर रिसर्च डे की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार दिए गए। इससे शोध के क्षेत्र में नए विचारों, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहन मिला। एसोसिएट डीन रिसर्च डॉ. पूजन डोगरा मरवाहा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
विज्ञापन
धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन एसोसिएट डीन रिसर्च डॉ. पूजन डोगरा मरवाहा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। कार्यक्रम में डीन अकादमिक डॉ. रुपाली पार्लेवार, डीन एग्जामिनेशन डॉ. निधि पुरी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. दिनेश वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक के कुलपति डॉ. डीके वर्मा, आईजीएमसी शिमला की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर, एसएलबीएस-जीएमसी नेरचौक मंडी के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार भवानी, बिलासपुर के सीएमओ डॉ. शशि दत्त शर्मा और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना के फैकल्टी सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।