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Bilaspur News: लंबित मांगों को लेकर 23 फरवरी को चलो बिलासपुर का आह्वान किया

Sun, 18 Jan 2026 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 18 Jan 2026 11:20 PM IST
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Called for Chalo Bilaspur on 23rd February regarding pending demands.
जड्डू में आयोजित जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक में मौजूद सदस्य। स्रोत: सभा
जड्डू, पियूंगली में हुई जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक
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संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। भाखड़ा बांध परियोजना से विस्थापित व प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 23 फरवरी को चलो बिलासपुर का आह्वान किया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की ओर से जड्डू और पियूंगली में बैठकें हुईं। अध्यक्षता मलरांव पंचायत के प्रधान ओंकार सिंह ने की, जबकि समिति के अध्यक्ष देशराज शर्मा ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।

देशराज शर्मा ने कहा कि भाखड़ा परियोजना के कारण विस्थापित परिवार पिछले कई दशकों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार व प्रशासन से कई बार मांगें उठाई गईं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। इसी के चलते 23 फरवरी को सभी विस्थापित बिलासपुर पहुंचकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी। बैठकों में विस्थापितों ने भूमि बंदोबस्त, शेष विस्थापितों को प्लाट आवंटन, काटे गए बिजली-पानी कनेक्शन बहाल करने और मुफ्त सुविधा देने, बच्चों को बीबीएमबी व सरकारी नौकरियों में आरक्षण, भाखड़ा डैम से मिलने वाली रॉयल्टी का 25 प्रतिशत विस्थापितों के हित में खर्च करने, सिंचाई व पेयजल उठाने की अनुमति, भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध करवाने सहित कई मांगें रखीं। इसके अलावा सतलुज नदी पर विभिन्न स्थानों पर पुल निर्माण, वंचित विस्थापितों को सूची में शामिल करने, मछुआरों के लिए योजनाएं बनाने और सतलुज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग भी उठाई गई। समिति ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। इस मौके पर समिति के उप प्रधान बलदेव ठाकुर, श्रीराम चौधरी, राजकुमार, जगत पाल, राम सिंह, ज्ञान सिंह, बिशुन राम, रामपाल, प्यारे लाल, कुलदीप, कुंजू राम, जगतार सिंह, बलबीर सिंह, प्रकाश चंद, नंदलाल, हेमराज, लाजवंती और रेशो देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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