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गंगा के नाम लेने से मुक्त हो जाते हैं पाप : राधा
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- शीतला माता मंदिर सुन्हाणी में भागवत कथा आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। शीतला माता मंदिर सुन्हानी में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। कथा के तीसरे दिन कथावाचक राधा रमन शास्त्री ने कहा कि हिंदू धर्म में गंगा नदी को देवी मां के रूप में पूजा जाता है।
पुराणों में इसे सबसे पवित्र नदी कहा गया है, जिसमें नहाने से मनुष्य के सारे पाप धुलने की मान्यता है। गंगा में नहाने ही नहीं, उसकी वायु के स्पर्श और नाम लेने से भी व्यक्ति हर पाप से मुक्त हो जाता है। इसका वरदान खुद भगवान श्रीकृष्ण ने गंगा नदी को दिया था। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर गाय को गो-माता का दर्जा देकर इसकी पूजा की जाती है। गाय को किसी भगवान से कम नहीं माना जाता। हम अपनी सुख समृद्धि के लिए गाय का पूजन करते हैं। उन्होंने कहा कि गाय समस्त प्राणियों की माता सर्व सुखों को देने वाली है। गाय की सेवा करने पर हमें जहां एक ओर सुख-शांति की प्राप्ति होती है। गाय के दूध से हमें तंदुरुस्ती मिलती है। वहीं गोमूत्र से अलग-अलग बीमारियों के लिए दवाइयां भी बनाई जाती हैं। इस मौके पर कमेटी के भगत राम शास्त्री, सुरेश कुमार, महेंद्र सिंह, देशराज, कुलदीप शर्मा, सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। शीतला माता मंदिर सुन्हानी में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। कथा के तीसरे दिन कथावाचक राधा रमन शास्त्री ने कहा कि हिंदू धर्म में गंगा नदी को देवी मां के रूप में पूजा जाता है।
पुराणों में इसे सबसे पवित्र नदी कहा गया है, जिसमें नहाने से मनुष्य के सारे पाप धुलने की मान्यता है। गंगा में नहाने ही नहीं, उसकी वायु के स्पर्श और नाम लेने से भी व्यक्ति हर पाप से मुक्त हो जाता है। इसका वरदान खुद भगवान श्रीकृष्ण ने गंगा नदी को दिया था। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर गाय को गो-माता का दर्जा देकर इसकी पूजा की जाती है। गाय को किसी भगवान से कम नहीं माना जाता। हम अपनी सुख समृद्धि के लिए गाय का पूजन करते हैं। उन्होंने कहा कि गाय समस्त प्राणियों की माता सर्व सुखों को देने वाली है। गाय की सेवा करने पर हमें जहां एक ओर सुख-शांति की प्राप्ति होती है। गाय के दूध से हमें तंदुरुस्ती मिलती है। वहीं गोमूत्र से अलग-अलग बीमारियों के लिए दवाइयां भी बनाई जाती हैं। इस मौके पर कमेटी के भगत राम शास्त्री, सुरेश कुमार, महेंद्र सिंह, देशराज, कुलदीप शर्मा, सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
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