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Bilaspur News: मां का दूध शिशु के पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता का आधार
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मार्कंड और रौड़ा में जागरूकता कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत एम्स बिलासपुर के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभाग की ओर से सीआरएच मार्कंड और यूएचटीसी रौड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य माताओं, गर्भवती महिलाओं और समुदाय को स्तनपान के महत्व की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में एमबीबीएस बैच-2025 के विद्यार्थियों को भी मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चे के जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करवाना और शुरुआती छह माह तक केवल मां का दूध देना जरूरी है। छह माह बाद पूरक आहार के साथ स्तनपान दो साल या उससे अधिक समय तक जारी रखा जा सकता है। प्रतिभागियों को सही लैचिंग तकनीक, मां के संतुलित आहार और स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने महिलाओं के सवालों के जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। सीआरएच मार्कंड में करीब 25 और यूएचटीसी रौड़ा में 8 से 10 लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में विभाग के फैकल्टी, रेजिडेंट्स, एमबीबीएस इंटर्न्स और आशा कार्यकर्ताओं ने भी सहभागिता की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत एम्स बिलासपुर के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभाग की ओर से सीआरएच मार्कंड और यूएचटीसी रौड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य माताओं, गर्भवती महिलाओं और समुदाय को स्तनपान के महत्व की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में एमबीबीएस बैच-2025 के विद्यार्थियों को भी मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चे के जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करवाना और शुरुआती छह माह तक केवल मां का दूध देना जरूरी है। छह माह बाद पूरक आहार के साथ स्तनपान दो साल या उससे अधिक समय तक जारी रखा जा सकता है। प्रतिभागियों को सही लैचिंग तकनीक, मां के संतुलित आहार और स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने महिलाओं के सवालों के जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। सीआरएच मार्कंड में करीब 25 और यूएचटीसी रौड़ा में 8 से 10 लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में विभाग के फैकल्टी, रेजिडेंट्स, एमबीबीएस इंटर्न्स और आशा कार्यकर्ताओं ने भी सहभागिता की।