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मकानों पर चला बुल्डोजर, गुस्से में लोग

Sat, 21 Nov 2015 11:07 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर)।
ब्यूरो/ अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर)। Updated Sat, 21 Nov 2015 11:07 PM IST
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 किरतपुर से नेरचौक तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क के लिए अधिग्रहित मकानों पर शनिवार से जिला प्रशासन ने बुल्डोजर चलना शुरू हो गया है। उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने विस्थापितों को 21 नवंबर से पहले मकान खाली करवाने की मोहलत दी थी।

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समय सीमा खत्म होते ही प्रशासन, फोरलेन कंपनी की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और भवनों को गिराना शुरू कर दिया। शनिवार को औहर इलाके में कई लोगों के घरों पर बुल्डोजर चला।
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इससे विस्थापित उग्र हो गए है। विस्थापितों की मानें तो अभी उन्हें नए घर में बिजली पानी के कनेक्शन तक नहीं मिले हैं। ऐसे में वह वहां कैसे रहेंगे ? वहीं, कई विस्थापितों के घर अभी तक बनकर तैयार ही नहीं हुए हैं।
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डीसी ने फोरलेन के लिए 21 नवंबर तक विस्थापितों को मकान खाली करवाने के आदेश दिए थे। इस संदर्भ में विस्थापितों को नोटिस जारी किए गए हैं। लेकिन करीब 324 लोग मकान और अन्य ढांचों को खाली नहीं कर रहे थे। लिहाजा, प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा।

शनिवार को पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने मकानों पर बुल्डोजर चलाने शुरू किए। हालांकि, कुछ लोगों के आग्रह पर प्रशासन ने सप्ताह का समय भी मकान खाली करवाने को दिया है। उधर, फोरलेन और प्रशासन की टीम पहुंचते ही लोगों में हड़कंप मच गया। मौके पर एकत्रित हुए लोगों ने प्रशासन के प्रति रोष प्रकट किया।

दोपहर बाद चली इस कार्रवाई के दौरान दीनानाथ पुत्र गंगा राम, परस राम पुत्र गंगा राम, प्रेम लाल पुत्र तुलसी राम, आकाश पुत्र अशोक कुमार, बलदेव पुत्र नंद लाल, महेंद्र पाल पुत्र नंद लाल निवासी औहर के रिहायशी मकान तोड़े गए। जबकि कुछ इलाकों में डंगे आदि को भी गिराया गया।

जिला राजस्व अधिकारी शशि पाल शर्मा ने बताया कि फोरलेन निर्माण में करीब 324 मकान ऐेसे हैं, जिनका मुआवजा लोगों को दिया जा चुका हैं। उन्होंने कब्जे नहीं हटाए। इससे काम प्रभावित हो रहा है। लिहाजा, कब्जे हटाने को मुहिम छेड़ी गई है।

कंपनी के इशारे पर काम कर रहा प्रशासन
ग्राम पंचायत औहर के प्रधान देश राज ने बताया कि लोग अपने आप अपने मकान खाली कर रहे हैं। नए मकान में प्रशासन और विभाग ने समय पर बिजली-पानी के कनेक्शन नहीं दिए हैं।
ऐसे में प्रशासन की यह जल्दबाजी तर्कसंगत नहीं। यदि प्रशासन और विभाग को समय रहते लोगों की समस्या दूर करता तो यह समस्या नहीं आती। भाजपा नेता राजेंद्र गर्ग ने प्रशासन की इस कार्यवाई पर अंसतोष प्रकट करते हुए कहा कि प्रशासन और कांग्रेसी नेता मात्र कंपनी को लाभ पहुंचाने में लगे हैं।

विस्थापितों को मिले छह माह का वक्त : राम सिंह
फोरलेन विस्थापित समिति ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि विस्थापितों को अपने पुराने मकान खाली करने के लिए कम से कम छह माह का अतिरिक्त समय दिया जाए।


समिति के प्रधान राम सिंह ने कहा कि कुछ स्थलों पर पांच-छह माह पूर्व ही मुआवजा दिया गया है। इसके बाद विस्थापितों ने मकान निर्माण शुरू किया है। उन्होंने बताया कि विस्थापितों ने जमीन पहले ही खाली कर दी है और अब मकान भी खाली कर दिए जाएंगे।

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