{"_id":"630906b37f3e4301b31b3a52","slug":"bilaspur-news-himachal-news-1649-animals-suffering-from-lumpy-disease-21-died-bilaspur-news-sml419624167","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 1649 पशु लंपी रोग से ग्रसित, 21 की गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में 1649 पशु लंपी रोग से ग्रसित, 21 की गई जान
विज्ञापन
स्वारघाट (बिलासपुर)। जिले में पशुओं में लंपी त्वचा रोग के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब तक 1649 पशु इसकी चपेट में आ चुके हैं। बीमार 21 मवेशियों की मौत हो चुकी है। हालांकि, 159 पशु रोग से निजात पाकर स्वस्थ भी हुए हैं। पशुपालन विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन अभियान चलाया है।
अभी तक 7660 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं शुक्रवार को पशुपालन विभाग शिमला के उपनिदेशक डॉ. अरुण सरकैक के नेतृत्व में टीम ने जुखाला, नम्होल और स्वारघाट की गोशालाओं का दौरा कर लंपी रोग का जायजा लिया।
टीम ने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और पशुपालन विभाग के कर्मचारियों से लंपी को लेकर फीडबैक भी लिया। इस दौरान वेटनरी ऑफिसर शिमला डॉ. अनुज बाली, पशुपालन विभाग स्वारघाट से डा. सतनाम सिंह सेखु, पशुपालन परिचारक प्रकाश, वेटरनेरी फार्मासिस्ट महेंद्र सिंह धीमान और सपना देवी मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस बीच, पशुपालन विभाग बिलासपुर के उप निदेशक विपन कुमार ने बताया कि लंपी रोग के बारे लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं।
इस रोग से ग्रसित पशु ठीक हो रहे हैं। जो लोग पशुओं के उपचार में लापरवाही बरत रहे हैं उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। समय रहते सावधानियां बरतने से पशुओं को संक्रमण से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
अभी तक 7660 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं शुक्रवार को पशुपालन विभाग शिमला के उपनिदेशक डॉ. अरुण सरकैक के नेतृत्व में टीम ने जुखाला, नम्होल और स्वारघाट की गोशालाओं का दौरा कर लंपी रोग का जायजा लिया।
विज्ञापन
टीम ने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और पशुपालन विभाग के कर्मचारियों से लंपी को लेकर फीडबैक भी लिया। इस दौरान वेटनरी ऑफिसर शिमला डॉ. अनुज बाली, पशुपालन विभाग स्वारघाट से डा. सतनाम सिंह सेखु, पशुपालन परिचारक प्रकाश, वेटरनेरी फार्मासिस्ट महेंद्र सिंह धीमान और सपना देवी मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस बीच, पशुपालन विभाग बिलासपुर के उप निदेशक विपन कुमार ने बताया कि लंपी रोग के बारे लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं।
इस रोग से ग्रसित पशु ठीक हो रहे हैं। जो लोग पशुओं के उपचार में लापरवाही बरत रहे हैं उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। समय रहते सावधानियां बरतने से पशुओं को संक्रमण से बचाया जा सकता है।