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Bilaspur News: जंगल की आग से बचते हुए पानी के टैंक में गिरी नीलगाय

Wed, 15 May 2024 11:12 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2024 11:12 PM IST
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Bilaspur, Jhanduta, Baloh Panchayat, village Fagog, rescue of Nilgai done
झंडूता के फगोग गांव में टैंक में फंसी नीलगाय। संवाद
-स्थानीय लोगों और वन विभाग ने देर रात किया रेस्क्यू
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- झंडूता के फगोग गांव में हुई घटना


संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता की बलोह पंचायत के गांव फगोग में जंगल की आग से बचते हुए एक नीलगाय पानी के टैंक में गिर गई। स्थानीय लोगों और वन विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर नीलगाय को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। लोगों की ओर से जंगल में मिली नौ तोड़ जमीन और अपने निजी घासनियों में लगाई गई आग से अपने-आप को बचाने के प्रयास में एक नीलगाय फगोग के गांव बल्ही में करीब 10 फीट गहरे टैंक में गिर गई। टैंक में करीब सात फीट पानी होने और किनारों से निकलने की जगह न मिलने के कारण नीलगाय पांच घंटे टैंक में ही तैरती रही। शुक्र खड्ड किनारे बने टैंक के मालिक सतीश कुमार ने बताया कि उनके परिजन अपनी घासनियों में घास लाने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने नीलगाय को टैंक में देखा। उसके बाद आसपास गांव के लोग एकत्रित हुए। उन्होंने वन विभाग के वन खंड अधिकारी पवन कुमार और वनरक्षक प्रीतम सिंह को बुलाया। उन्होंने बताया कि उनकी मदद से गाय को निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद विभाग ने जेसीबी को बुलाया और रात करीब 10:00 तक रेस्क्यू अभियान चला और नीलगाय को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया। नीलगाय को बाहर निकालने के लिए दिलीप पटियाल, कुंदन, राकेश, गब्बर सिंह, मिंटू और बॉबी सहित अन्य ने सहयोग किया।

लोग घासनियों में आग न लगाएं
वनरक्षक देवराज सांख्यान ने बताया कि लोग अपनी घासनियों को आग लगा रहे हैं। इस कारण आग जंगलों को अपनी चपेट में ले रही है। इससे वन संपदा का लाखों रुपये का नुकसान तो होता ही है। साथ ही वन्य जीवों को भी भारी नुकसान पहुंचता है। आग से बचने के लिए वन्य जीव सड़कों, शहरों और गांव का रुख करते हैं, जहां वह इस प्रकार की वारदात के साथ-साथ कुत्तों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि घासनियों में आग न लगाएं ताकि वन संपदा के साथ-साथ वन्य जीवों को भी सुरक्षित रखा जा सके।
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