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अन्य केंद्रों के लिए<bha>--</bha>- भानुपल्ली-बैरी रेल लाइन : वामटा से इसी माह शुरू होगा तीसरे चरण का निर्माण कार्य
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मंडी भराड़ी तक बनेंगे तीन किलोमीटर लंबे दो वायाडक्ट, निर्माण के लिए पहुंचने लगी मशीनरी
- कंपनी ने मिक्सर प्लांट और लैब को भी किया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसीबिलासपुर। भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन के तीसरे चरण का निर्माण कार्य इसी माह से शुरू होगा। मंडी से भराड़ी तक तीन किलो मीटर लंबे दो वायाडक्ट बनेंगे। वायाडक्टों के निर्माण के लिए मशीनरी और सामग्री पहुंचना शुरू हो गई है।
निर्माण के लिए अधिकृत कंपनी ने बामटा में मिक्सर प्लांट शुरू करने के बाद सोमवार को अपनी लैब का विधिवत रूप से शुभारंभ किया। कंपनी की इस लैब में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जाएगी। वहीं, वायडक्ट का निर्माण बामटा की ओर से शुरू किया जाएगा। जो मंडी भराड़ी में सुरंग नंबर-16 के पास पूरा होगा। बामटा में पेड़ कटान का कार्य भी पूरा करने लिया गया है। जबकि कंपनी ने अप्रोच रोड बनाने के साथ पिलर बिंदु भी चिन्हित कर दिए हैं। कंपनी अधिकारियों के अनुसार साइट पर इसी माह निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि मंडी-भराड़ी से बामटा तक तीन किलोमीटर लंबे दो वायाडक्टों का निर्माण किया जाना है। रेल लाइन का यह हिस्सा गोबिंद सागर झील के ऊपर है। इसलिए यहां वायाडक्ट बनाने का निर्णय लिया गया है। इन वायाडक्ट का निर्माण कार्य एचजी इंफ्रा कंपनी को रेल विकास निगम ने 466 करोड़ रुपये में आवंटित किया है। कंपनी को यह निर्माण काम शुरू करने के बाद 30 माह में पूरा करना होगा। बता दें कि वायाडक्ट एक विशिष्ट प्रकार का पुल होता है, जिसमें पिल्लरों की एक श्रृंखला होती है। वायाडक्ट निर्माण विशेषतौर पर झील या घाटी में किया जाता है। गोबिंद सागर झील के ऊपर बनने वाले इन वायाडक्ट से गुजरती हुई ट्रेन से प्राकृतिक सुंदरता के मनमोहक नजारा दिखाई देगा।
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- कंपनी ने मिक्सर प्लांट और लैब को भी किया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसीबिलासपुर। भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन के तीसरे चरण का निर्माण कार्य इसी माह से शुरू होगा। मंडी से भराड़ी तक तीन किलो मीटर लंबे दो वायाडक्ट बनेंगे। वायाडक्टों के निर्माण के लिए मशीनरी और सामग्री पहुंचना शुरू हो गई है।
निर्माण के लिए अधिकृत कंपनी ने बामटा में मिक्सर प्लांट शुरू करने के बाद सोमवार को अपनी लैब का विधिवत रूप से शुभारंभ किया। कंपनी की इस लैब में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जाएगी। वहीं, वायडक्ट का निर्माण बामटा की ओर से शुरू किया जाएगा। जो मंडी भराड़ी में सुरंग नंबर-16 के पास पूरा होगा। बामटा में पेड़ कटान का कार्य भी पूरा करने लिया गया है। जबकि कंपनी ने अप्रोच रोड बनाने के साथ पिलर बिंदु भी चिन्हित कर दिए हैं। कंपनी अधिकारियों के अनुसार साइट पर इसी माह निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बता दें कि मंडी-भराड़ी से बामटा तक तीन किलोमीटर लंबे दो वायाडक्टों का निर्माण किया जाना है। रेल लाइन का यह हिस्सा गोबिंद सागर झील के ऊपर है। इसलिए यहां वायाडक्ट बनाने का निर्णय लिया गया है। इन वायाडक्ट का निर्माण कार्य एचजी इंफ्रा कंपनी को रेल विकास निगम ने 466 करोड़ रुपये में आवंटित किया है। कंपनी को यह निर्माण काम शुरू करने के बाद 30 माह में पूरा करना होगा। बता दें कि वायाडक्ट एक विशिष्ट प्रकार का पुल होता है, जिसमें पिल्लरों की एक श्रृंखला होती है। वायाडक्ट निर्माण विशेषतौर पर झील या घाटी में किया जाता है। गोबिंद सागर झील के ऊपर बनने वाले इन वायाडक्ट से गुजरती हुई ट्रेन से प्राकृतिक सुंदरता के मनमोहक नजारा दिखाई देगा।
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