{"_id":"6842d405622b55c171039cd6","slug":"bhakra-management-had-buried-towers-on-the-land-of-the-villagers-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-138373-2025-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: ग्रामीणों की जमीन पर गाड़ दी थी भाखड़ा प्रबंधन ने बुर्जियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: ग्रामीणों की जमीन पर गाड़ दी थी भाखड़ा प्रबंधन ने बुर्जियां
Fri, 06 Jun 2025 11:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 06 Jun 2025 11:09 PM IST
विज्ञापन
गोबिंद सागर झील किनारे बैहलग में निशानदेही करते राजस्व विभाग के कर्मी, मौके पर मौजूद ग्रामीण और
राजस्व निशानदेही में खुलासा, झील किनारे लोगों की स्वामित्व भूमि में लगाए थे गए चिन्ह
ग्रामीण बोले, बिना सूचना और राजस्व स्टाफ के हुई थी पैमाइश
बीबीएमबी प्रबंधन झील किनारे गाद के आधार पर कर रहा है जमीन पर कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़(बिलासपुर)। गोबिंद सागर झील के किनारे जमीन चिन्हित करने के नाम पर भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ने लोगों की स्वामित्व वाली भूमि में मनमर्जी से बुर्जियां लगा दी हैं। शुक्रवार को बैहलग गांव के कई ग्रामीणों द्वारा करवाई गई राजस्व निशानदेही में यह खुलासा हुआ कि बोर्ड द्वारा लगाए गए कई चिन्ह गलत हैं।
बैहलग निवासी रोशन लाल, जय राम, रतन लाल, मस्त राम, करुण लाल और प्यारेलाल ने राजस्व विभाग की मौजूदगी में अपनी जमीन की निशानदेही करवाई। इस दौरान पाया गया कि उनकी जमीन पर बिना अनुमति के बुर्जियां लगा दी गई हैं। जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति के अध्यक्ष देशराज शर्मा ने बताया कि बीबीएमबी द्वारा अपनी जमीन चिन्हित करने के लिए कल्लर, भजवाणी, ऋषिकेश, बल्ह-बलवाणा व तलवाड़ में बुर्जियां लगाई जा चुकी हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में न तो राजस्व विभाग के कर्मचारी साथ थे और न ही स्थानीय लोगों को सूचना दी गई। बताया कि पहले जो बुर्जियां 50 से 100 फुट झील की ओर नीचे थीं, उन्हें अब ऊपर ग्रामीणों की निजी जमीन में लगाया जा रहा है। इससे लोग चिंतित हैं और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
बताया कि गोबिंद सागर झील 90 किलोमीटर लंबी और लगभग 170 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। बीबीएमबी द्वारा झील में गाद के आधार पर 1785 फीट ऊंचाई तक अपनी सीमा बढ़ाकर पैमाइश की जा रही है, जो अनुचित है। प्रभावित ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला प्रशासन सभी स्थानों पर दोबारा निशानदेही करवाए और गलत तरीके से लगी बुर्जियों को तुरंत हटवाए। इस मौके पर ऋषिकेश के पूर्व प्रधान प्रेमलाल चौधरी, लंबरदार रामलाल, राकेश कुमार, सुभाष ठाकुर और बीबीएमबी की ओर से सहायक अभियंता नंगल मनोज पराशर भी मौके पर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण बोले, बिना सूचना और राजस्व स्टाफ के हुई थी पैमाइश
बीबीएमबी प्रबंधन झील किनारे गाद के आधार पर कर रहा है जमीन पर कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़(बिलासपुर)। गोबिंद सागर झील के किनारे जमीन चिन्हित करने के नाम पर भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ने लोगों की स्वामित्व वाली भूमि में मनमर्जी से बुर्जियां लगा दी हैं। शुक्रवार को बैहलग गांव के कई ग्रामीणों द्वारा करवाई गई राजस्व निशानदेही में यह खुलासा हुआ कि बोर्ड द्वारा लगाए गए कई चिन्ह गलत हैं।
बैहलग निवासी रोशन लाल, जय राम, रतन लाल, मस्त राम, करुण लाल और प्यारेलाल ने राजस्व विभाग की मौजूदगी में अपनी जमीन की निशानदेही करवाई। इस दौरान पाया गया कि उनकी जमीन पर बिना अनुमति के बुर्जियां लगा दी गई हैं। जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति के अध्यक्ष देशराज शर्मा ने बताया कि बीबीएमबी द्वारा अपनी जमीन चिन्हित करने के लिए कल्लर, भजवाणी, ऋषिकेश, बल्ह-बलवाणा व तलवाड़ में बुर्जियां लगाई जा चुकी हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में न तो राजस्व विभाग के कर्मचारी साथ थे और न ही स्थानीय लोगों को सूचना दी गई। बताया कि पहले जो बुर्जियां 50 से 100 फुट झील की ओर नीचे थीं, उन्हें अब ऊपर ग्रामीणों की निजी जमीन में लगाया जा रहा है। इससे लोग चिंतित हैं और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
बताया कि गोबिंद सागर झील 90 किलोमीटर लंबी और लगभग 170 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। बीबीएमबी द्वारा झील में गाद के आधार पर 1785 फीट ऊंचाई तक अपनी सीमा बढ़ाकर पैमाइश की जा रही है, जो अनुचित है। प्रभावित ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला प्रशासन सभी स्थानों पर दोबारा निशानदेही करवाए और गलत तरीके से लगी बुर्जियों को तुरंत हटवाए। इस मौके पर ऋषिकेश के पूर्व प्रधान प्रेमलाल चौधरी, लंबरदार रामलाल, राकेश कुमार, सुभाष ठाकुर और बीबीएमबी की ओर से सहायक अभियंता नंगल मनोज पराशर भी मौके पर मौजूद रहे।
विज्ञापन