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Bilaspur News: भगत ने लूट लिए भगवान ... ने दर्शकों को किया भाव-विभोर
Sat, 27 Sep 2025 05:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 27 Sep 2025 05:21 PM IST
सार
घुमारवीं बाजार में रामलीला के चौथे दिन भक्ति, त्याग और रोमांच का अद्भुत संगम देखा गया। भरत और शत्रुघ्न के मार्मिक संवादों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय की खूब सराहना हुई।
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घुमारवीं में चल रही रामलीला का दृश्य। संवाद
विस्तार
मलीला के चौथे दिन देखा भक्ति, त्याग, रोमांच का संगम
भरत, शत्रुघ्न के मार्मिक संवादों ने बताई धर्म और कर्तव्य की गहराई
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं बाजार में रामलीला के चौथे दिन दर्शकों ने भक्ति, त्याग और रोमांच का अद्भुत संगम देखा। संध्या का शुभारंभ केवट राम संवाद से हुआ। रविंदर शर्मा (केवट) के अभिनय और मधुर गायन ने पंडाल में उपस्थित दर्शकों को भक्ति रस में डुबो दिया। गीत भगत ने लूट लिए भगवान... ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद भरत और शत्रुघ्न के मार्मिक संवादों ने धर्म और कर्तव्य की गहराई को उजागर किया।
भरत बने मोहित धीमान ने अपनी मां कैकेयी के षड्यंत्र का विरोध करते हुए कहा कि राम के बिना जीवन अधूरा है। गुरु वशिष्ठ के कहने पर भरत ने त्याग की मिसाल पेश करते हुए चौदह वर्षों तक राम की चरण पादुकाओं को अयोध्या के राजसिंहासन पर स्थापित किया और स्वयं राजधर्म का पालन करने का संकल्प लिया। यह दृश्य दर्शकों की आंखों में आंसू ला गया। अंतिम दृश्य में रावण की बहन शूर्पणखा का पंचवटी आगमन हुआ। लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटे जाने का प्रसंग बड़े ही सजीव अभिनय के साथ प्रस्तुत किया गया। इसके बाद खर-दूषण का वध और शूर्पणखा का रावण के पास व्यथा सुनाने जाना आगामी युद्धभूमि की तैयारी का संकेत देता दिखा। इस मंचन में रविंदर शर्मा (केवट), मोहित धीमान (भरत), अभिषेक राणा (शत्रुघ्न), जगरनाथ (कैकेयी), अंकू (मंथरा) और विशेष रूप से सुरेश धीमान (शूर्पणखा) के उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। संध्या के मुख्य अतिथि पूर्व जिला परिषद सदस्य हटवाड़ सुभाष ठाकुर, ने मंच पर पहुंचकर प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लिया और समिति के प्रधान संजय कुमार सहित सभी कार्यकर्ताओं को इस धार्मिक आयोजन को दोबारा बाजार में प्रारंभ करने के लिए बधाई दी।
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भरत, शत्रुघ्न के मार्मिक संवादों ने बताई धर्म और कर्तव्य की गहराई
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं बाजार में रामलीला के चौथे दिन दर्शकों ने भक्ति, त्याग और रोमांच का अद्भुत संगम देखा। संध्या का शुभारंभ केवट राम संवाद से हुआ। रविंदर शर्मा (केवट) के अभिनय और मधुर गायन ने पंडाल में उपस्थित दर्शकों को भक्ति रस में डुबो दिया। गीत भगत ने लूट लिए भगवान... ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद भरत और शत्रुघ्न के मार्मिक संवादों ने धर्म और कर्तव्य की गहराई को उजागर किया।
भरत बने मोहित धीमान ने अपनी मां कैकेयी के षड्यंत्र का विरोध करते हुए कहा कि राम के बिना जीवन अधूरा है। गुरु वशिष्ठ के कहने पर भरत ने त्याग की मिसाल पेश करते हुए चौदह वर्षों तक राम की चरण पादुकाओं को अयोध्या के राजसिंहासन पर स्थापित किया और स्वयं राजधर्म का पालन करने का संकल्प लिया। यह दृश्य दर्शकों की आंखों में आंसू ला गया। अंतिम दृश्य में रावण की बहन शूर्पणखा का पंचवटी आगमन हुआ। लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटे जाने का प्रसंग बड़े ही सजीव अभिनय के साथ प्रस्तुत किया गया। इसके बाद खर-दूषण का वध और शूर्पणखा का रावण के पास व्यथा सुनाने जाना आगामी युद्धभूमि की तैयारी का संकेत देता दिखा। इस मंचन में रविंदर शर्मा (केवट), मोहित धीमान (भरत), अभिषेक राणा (शत्रुघ्न), जगरनाथ (कैकेयी), अंकू (मंथरा) और विशेष रूप से सुरेश धीमान (शूर्पणखा) के उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। संध्या के मुख्य अतिथि पूर्व जिला परिषद सदस्य हटवाड़ सुभाष ठाकुर, ने मंच पर पहुंचकर प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लिया और समिति के प्रधान संजय कुमार सहित सभी कार्यकर्ताओं को इस धार्मिक आयोजन को दोबारा बाजार में प्रारंभ करने के लिए बधाई दी।
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