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शहर में भिखारियों ने शहर में जमाया डेरा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Wed, 10 Feb 2016 10:58 PM IST
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शहर में दिनों-दिन भिखारियों की संख्या में बढ़ती जा रही है। जगह-जगह भिखारियों ने डेरा जमाना शुरू कर दिया है। भिखारियों में बच्चों की संख्या अधिक है, जो राहगीरों से भीख मांगते हैं।
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यह बच्चे जबरदस्ती लोगों को रोककर उनसे पैसे मांगते हैं। यह बच्चे बाहरी राज्यों से आए प्रवासियों के हैं। सुबह से ही भिखारी बस अड्डा, मुख्य बाजार और गुरुद्वारा चौक पर भीख मांगना शुरू कर देते हैं।
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भगवान के नाम और खाना खाने की दुहाई देकर लोगों के आगे हाथ जोड़ कर खड़े हो जाते हैं। यही नहीं कई बार तो लोगों के कपड़े तक पकड़ लेते हैं और तब तक नहीं छोड़ते, जब तक उन्हें पैसे न दिए जाएं। शहर के विभिन्न मंदिरों के बाहर भी भिखारियों की फौज रहती है।
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श्रद्धालुओं के मंदिर से निकलते ही वह उनके पीछे पड़ जाते हैं। इन भिखारियों में महिलाएं भी शामिल हैं, जो कि अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर आंसू बहाकर भीख मांगती हैं।
हालांकि कुछ भिखारी ऐसे हैं, जो शरीर से अक्षम हैं और चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं। लेकिन कई ऐसे प्रवासी हैं, जो कोई कामकाज करने के बजाए सड़कों पर भीख मांगते हैं और अपने बच्चों से भी भीख मंगवाते हैं। भिखारियों के कारण लोगों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है।
सुरेंद्र गुप्ता, कर्ण चंदेल, सुनील, तनुजा, शीतल, अनुजा, अमन, रिशु, राज कुमार, सुरेश कुमार व नरेंद्र का कहना है कि शहर में बढ़ रही भिखारियों की संख्या पर रोक लगाने की जरूरत है। प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।