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बीडीटीएस में फिर तख्तापलट की आहट, खतरे में ट्रांसपोर्टर : नंदलाल
Wed, 05 Nov 2025 11:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 05 Nov 2025 11:54 PM IST
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पूर्व अध्यक्ष बोले, संगठन में चल रहा है बड़ा खेल, सरकार को करना चाहिए हस्तक्षेप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बरमाणा में सीमेंट ढुलाई का कार्य संभाल रही बिलासपुर ट्रक परिवहन सहकारी सभा (बीडीटीएस) में एक बार फिर हलचल मच गई है। संगठन के भीतर बढ़ती खींचतान और नेतृत्व संघर्ष ने ट्रांसपोर्टरों को गहरी चिंता में डाल दिया है। सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि क्या चुनाव नए सिरे से कराए जाएं या फिर मौजूदा कार्यकारिणी को ही अपना कार्यकाल पूरा करने दिया जाए।
पूर्व अध्यक्ष नंदलाल ठाकुर ने कहा कि नीलम चंदेल के नेतृत्व में पिछले छह महीनों से सभा की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चल रही थी, लेकिन अब फिर से तख्तापलट के संकेत मिल रहे हैं। कहा कि यदि चुनाव होते हैं तो सबकी असली लोकप्रियता और काबिलियत सामने आ जाएगी। कहा कि बीडीटीएस के अंदर कुछ लोग फिर से सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश में हैं। ठाकुर ने सवाल उठाया कि पूर्व प्रधान जीत राम गौतम, जो चार बार प्रधान रह चुके हैं, अब पांचवीं बार पद पर बने रहने की इच्छा क्यों जता रहे हैं। अगर सच में उन्हें ट्रांसपोर्टरों की चिंता है, तो त्यागपत्र देकर किसी नए चेहरे को आगे लाना चाहिए। सुझाव दिया कि पूर्व प्रधान को बरमाणा आकर कार्यकारिणी सदस्यों के साथ खुली बैठक करनी चाहिए और संगठन की एकता बनाए रखने के लिए स्वेच्छा से पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं बिलासपुर तथा हिमाचल प्रदेश सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है ताकि ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा हो सके और उनका भविष्य अंधकार में न जाए।
पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा कार्यकाल बीडीटीएस में छठे तख्तापलट का साक्षी बन सकता है। हालात ऐसे हैं कि कई बार ऑपरेटरों को यह तक नहीं पता चलता कि नया प्रधान कब चुन लिया गया। सुबह होते ही नेतृत्व बदल जाता है। उन्होंने कहा कि अब ट्रांसपोर्टरों को आत्ममंथन कर आगामी चुनाव में सोच-समझकर नेतृत्व का चयन करना चाहिए। कहा कि हिमाचल प्रदेश की अन्य ट्रक परिवहन सभाओं पर भी बीडीटीएस का प्रभाव रहा है, लेकिन अब उसकी साख पर असर पड़ने लगा है। सरकार से आग्रह किया कि बीडीटीएस जैसी बड़ी सहकारी संस्था की साख बचाने और ट्रांसपोर्टरों के भविष्य की रक्षा के लिए ठोस व पारदर्शी कदम उठाए जाएं।
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बिलासपुर। बरमाणा में सीमेंट ढुलाई का कार्य संभाल रही बिलासपुर ट्रक परिवहन सहकारी सभा (बीडीटीएस) में एक बार फिर हलचल मच गई है। संगठन के भीतर बढ़ती खींचतान और नेतृत्व संघर्ष ने ट्रांसपोर्टरों को गहरी चिंता में डाल दिया है। सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि क्या चुनाव नए सिरे से कराए जाएं या फिर मौजूदा कार्यकारिणी को ही अपना कार्यकाल पूरा करने दिया जाए।
पूर्व अध्यक्ष नंदलाल ठाकुर ने कहा कि नीलम चंदेल के नेतृत्व में पिछले छह महीनों से सभा की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चल रही थी, लेकिन अब फिर से तख्तापलट के संकेत मिल रहे हैं। कहा कि यदि चुनाव होते हैं तो सबकी असली लोकप्रियता और काबिलियत सामने आ जाएगी। कहा कि बीडीटीएस के अंदर कुछ लोग फिर से सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश में हैं। ठाकुर ने सवाल उठाया कि पूर्व प्रधान जीत राम गौतम, जो चार बार प्रधान रह चुके हैं, अब पांचवीं बार पद पर बने रहने की इच्छा क्यों जता रहे हैं। अगर सच में उन्हें ट्रांसपोर्टरों की चिंता है, तो त्यागपत्र देकर किसी नए चेहरे को आगे लाना चाहिए। सुझाव दिया कि पूर्व प्रधान को बरमाणा आकर कार्यकारिणी सदस्यों के साथ खुली बैठक करनी चाहिए और संगठन की एकता बनाए रखने के लिए स्वेच्छा से पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं बिलासपुर तथा हिमाचल प्रदेश सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है ताकि ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा हो सके और उनका भविष्य अंधकार में न जाए।
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पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा कार्यकाल बीडीटीएस में छठे तख्तापलट का साक्षी बन सकता है। हालात ऐसे हैं कि कई बार ऑपरेटरों को यह तक नहीं पता चलता कि नया प्रधान कब चुन लिया गया। सुबह होते ही नेतृत्व बदल जाता है। उन्होंने कहा कि अब ट्रांसपोर्टरों को आत्ममंथन कर आगामी चुनाव में सोच-समझकर नेतृत्व का चयन करना चाहिए। कहा कि हिमाचल प्रदेश की अन्य ट्रक परिवहन सभाओं पर भी बीडीटीएस का प्रभाव रहा है, लेकिन अब उसकी साख पर असर पड़ने लगा है। सरकार से आग्रह किया कि बीडीटीएस जैसी बड़ी सहकारी संस्था की साख बचाने और ट्रांसपोर्टरों के भविष्य की रक्षा के लिए ठोस व पारदर्शी कदम उठाए जाएं।
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