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राज्य सहकारी बैंक के 55 कर्मचारी देख रहे पदोन्नति की राह

Sat, 06 Jun 2020 11:18 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2020 11:18 PM IST
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के दर्जनों कर्मचारी वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे हैं। इनको सरकार ने बैक फुट पर धकेला है। ये स्नातक वर्ग के करीब 55 कर्मचारी साल 2002 में ये क्लर्क भर्ती हुए थे। वे इस समय सहायक प्रबंधक पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
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विभागीय फरमान का दंश झेल रहे इस वर्ग के लोगों में खासा रोष है। शीघ्र ही इनका प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए इस वर्ग के लोगों को राहत देने की मांग की है। बताते चलें कि 30 मई, 2020 को एक विभागीय सर्कुलर जारी हुआ। इसमें सहायक प्रबंधक पद से प्रबंधक पद के लिए पदोन्नति में 2012 और 2014 में सीधी भर्ती के तहत लगे करीब 55 लोगों को प्रबंधक बनाए जाने के रास्ते को हरी झंडी दे दी गई है। इसे क्लर्क ग्रेजुएट वर्ग के लोगों ने हास्यप्रद और गैर-तर्कसंगत करार देते हुए इसे विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला बताया।
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गौरतलब है कि 24 जनवरी 2019 में ठीक इसी तरह के विभागीय सर्कुलर में विभाग ने 3:1 की रेशो यानी 3 पुराने लोगों में से तथा एक नए और सीधी भर्ती से 2012 में सहायक प्रबंधक पद पर डायरेक्ट लगे लोगों में से प्रबंधक पदोन्नत करने के आदेश दिए थे। इसमें वरिष्ठता के आधार पर प्रदेश सरकार के भर्ती और पदोन्नत नियमों के अनुसार इसे अमली जामा पहनाया जाना था। लेकिन 30 मई, 2020 के नए आदेशों से उक्त वर्ग के पुराने 2003 में क्लर्क पद पर लगने से लेकर वर्तमान में सहायक प्रबंधक पद तक का सफर तय कर चुके लोगों को गहरा आघात लगा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उन्हें न्याय दिलाया जाए।
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क्या कहते हैं अधिकारी
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के नामांकित निर्देशक राकेश गौतम ने बताया कि कोई भी पदोन्नति नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। नियमों को ताक पर रखकर नहीं। जहां तक इस वर्ग विशेष के लोगों का प्रश्न है तो दशकों से काम कर रहे इस वर्ग के लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। अधिकार सबके लिए समान होने चाहिए। एमडी पंकज ललित ने बताया कि वे तय कार्यक्रम के तहत कार्य करेंगे। मामला कोर्ट में है। जैसे कोर्ट का निर्णय आएगा वो उसके अनुसार काम करेंगे।
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