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पूर्व विधायक पर एफआईआर दर्ज करने के खिलाफ सड़क पर उतरे सैकड़ों कार्यकर्ता
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बिलासपुर में बंबर ठाकुर पर लगे आरोपों के विरोध में सड़क पर उतरे पार्टी कार्यकर्ता व जनता।
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। मंडी जिले के पधर में फेसबुक वीडियो के आधार पर बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के विरुद्ध मंडी पुलिस की ओर से दर्ज किए गए मामले के विरोध में सैकड़ों कांग्रेसी सड़क पर उतर आए हैं। विधानसभा क्षेत्र के कोने-कोने से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं मंगलवार को काफी संख्या में एकत्रित होकर बिलासपुर परिधि गृह से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाल जमकर नारेबाजी की। इस रैली में बंबर ठाकुर स्वयं उपस्थित नहीं रहे।
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किन्हीं शरारती की ओर से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर को राजनीतिक शत्रुता के चलते उन्हें समाज, रिश्तेदारों व निकटजनों में बदनाम करने और उनके सियासी जीवन को तबाह करने के लिए गहरा षड्यंत्र रचा गया है। जिसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश देकर असली दोषियों को पकड़ा जाए और बंबर ठाकुर के विरुद्ध तथ्यविहीन दर्ज की गई कथित झूठी एफआईआर को रद्द किया जाए। कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं के शिष्टमंडल ने साढ़े पांच पेज का हस्ताक्षरित विस्तृत ज्ञापन उपायुक्त राजेश्वर गोयल को सौंपा। उपायुक्त से मांग की है कि सरकार को इसे भेज कर बंबर ठाकुर के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर को तुरंत रद्द किया जाए और सारे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश देकर अंशुल शर्मा को आत्महत्या करने के लिए विवश करने वाले वास्तविक दोषियों को पकड़ा जाए।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, हो सकता है कि उनके द्वारा ही इस घटना को अंजाम दिया गया हो। बंबर ठाकुर का इस सारे मामले से कुछ भी लेना देना नहीं है। जिसकी पुष्टि अंशुल के पिता चमन शर्मा ने स्वयं पत्रकारों के समक्ष की है। चेतावनी दी कि यदि एफआईआर को तुरंत रद्द नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन आरंभ करने पर विवश होंगे। जिसका सारा उत्तरदायित्व हिमाचल सरकार और पुलिस प्रशासन पर होगा।
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इस अवसर पर पवन कुमार, तृप्ता ठाकुर, जोगिंदर, मस्तराम वर्मा, ऊमा देवी, कृष्णा देवी, अतुला कुमारी, शीला देवी, रजनी, उर्मिला देवी, प्रीति भाटिया, रामलाल भाटिया, होशियार सिंह, प्रेमी देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इनसेट
मेरे विरुद्ध रचा जा रहा षड्यंत्र : बंबर
जब उन्हें वीडियो के बारे में बताया गया तो उन्होंने तुरंत बिलासपुर पुलिस थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई और उस वीडियो को हटाने तथा अंशुल का पता लगाने की मांग की थी। बाद में न जाने किन परिस्थितियों और कारणों तथा दबाव में घटना के पांच दिन बाद मेरे विरुद्ध एफआईआर दर्ज करके मुझे अंशुल की आत्महत्या के लिए उकसाने का तथ्यविहीन आरोप लगा दिया गया है। मेरे विरुद्ध सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है।
बंबर ठाकुर, पूर्व विधायक
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रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किन्हीं शरारती की ओर से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर को राजनीतिक शत्रुता के चलते उन्हें समाज, रिश्तेदारों व निकटजनों में बदनाम करने और उनके सियासी जीवन को तबाह करने के लिए गहरा षड्यंत्र रचा गया है। जिसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश देकर असली दोषियों को पकड़ा जाए और बंबर ठाकुर के विरुद्ध तथ्यविहीन दर्ज की गई कथित झूठी एफआईआर को रद्द किया जाए। कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं के शिष्टमंडल ने साढ़े पांच पेज का हस्ताक्षरित विस्तृत ज्ञापन उपायुक्त राजेश्वर गोयल को सौंपा। उपायुक्त से मांग की है कि सरकार को इसे भेज कर बंबर ठाकुर के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर को तुरंत रद्द किया जाए और सारे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश देकर अंशुल शर्मा को आत्महत्या करने के लिए विवश करने वाले वास्तविक दोषियों को पकड़ा जाए।
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कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, हो सकता है कि उनके द्वारा ही इस घटना को अंजाम दिया गया हो। बंबर ठाकुर का इस सारे मामले से कुछ भी लेना देना नहीं है। जिसकी पुष्टि अंशुल के पिता चमन शर्मा ने स्वयं पत्रकारों के समक्ष की है। चेतावनी दी कि यदि एफआईआर को तुरंत रद्द नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन आरंभ करने पर विवश होंगे। जिसका सारा उत्तरदायित्व हिमाचल सरकार और पुलिस प्रशासन पर होगा।
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इस अवसर पर पवन कुमार, तृप्ता ठाकुर, जोगिंदर, मस्तराम वर्मा, ऊमा देवी, कृष्णा देवी, अतुला कुमारी, शीला देवी, रजनी, उर्मिला देवी, प्रीति भाटिया, रामलाल भाटिया, होशियार सिंह, प्रेमी देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इनसेट
मेरे विरुद्ध रचा जा रहा षड्यंत्र : बंबर
जब उन्हें वीडियो के बारे में बताया गया तो उन्होंने तुरंत बिलासपुर पुलिस थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई और उस वीडियो को हटाने तथा अंशुल का पता लगाने की मांग की थी। बाद में न जाने किन परिस्थितियों और कारणों तथा दबाव में घटना के पांच दिन बाद मेरे विरुद्ध एफआईआर दर्ज करके मुझे अंशुल की आत्महत्या के लिए उकसाने का तथ्यविहीन आरोप लगा दिया गया है। मेरे विरुद्ध सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है।
बंबर ठाकुर, पूर्व विधायक