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बाहोट-कसोल बनेगा पर्यटन हब, योजना पर काम शुरू : उपायुक्त
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- पर्यटक उठा सकेंगे जल, थल, नभ से जुड़ी 20 से अधिक एडवेंचर एक्टिविटी का लुत्फ
- मेट्रो सिटी के लोग आकर ग्रामीण जीवन शैली का लेंगे आनंद
-कोलडैम से तत्तापानी तक क्रूज चलाने की भी है योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के कोलडैम के साथ लगते क्षेत्र बाहोट-कसोल को पर्यटन हब बनाने का कार्य प्रशासन ने शुरू कर दिया है। इसके लिए शनिवार को उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक और एसडीएम सदर अभिषेक कुमार गर्ग ने पर्यटन विभाग व एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने बताया कि बाहोट-कसोल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत कार्य योजना पर काम किया जा रहा है। पर्यटकों को जल, थल और वायु से जुड़ी 20 से अधिक एडवेंचर एक्टिविटी का लुत्फ उठाने का यहां मौका मिलेगा। इस क्षेत्र को ग्रामीण पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया जाएगा। यहां मेट्रो सिटी के लोग आकर ग्रामीण जीवन शैली का लुत्फ उठा सकेंगे। इस क्षेत्र को इको टूरिज्म से भी जोड़ा जाएगा। यहां टिकाऊ मछली पकड़ने का पर्यटन स्थल यानी एक्वा टूरिज्म को भी प्रमोट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन की अन्य सभी संभावनाओं को तलाशा जाएगा। कोल डैम में इस क्षेत्र से लेकर तत्तापानी तक क्रूज चलाया जाएगा जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र भी होगा।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भविष्य में हिमाचल के अन्य टूरिज्म क्षेत्रों के अनुरूप विकसित होगा। इस क्षेत्र के लोगों को घर पर ही रोजगार का अवसर मिलेगा। प्रयास है कि बिलासपुर के अधिक से अधिक लोग टूरिज्म गतिविधियों से जुड़ें और जिले में टूरिज्म गतिविधियां बढ़ें। जिला वासियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटन गतिविधियों का लाभ मिले और इस क्षेत्र के लोगों की आमदनी में भी इजाफा हो सके। बताया कि कोल डैम देश के सबसे खूबसूरत वाटर बॉडीज में से एक है। यहां पर साल भर पानी का स्तर बराबर बना रहता है। इससे यहां 12 महीने पर्यटन गतिविधियां कर पाना संभव है।
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- मेट्रो सिटी के लोग आकर ग्रामीण जीवन शैली का लेंगे आनंद
-कोलडैम से तत्तापानी तक क्रूज चलाने की भी है योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के कोलडैम के साथ लगते क्षेत्र बाहोट-कसोल को पर्यटन हब बनाने का कार्य प्रशासन ने शुरू कर दिया है। इसके लिए शनिवार को उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक और एसडीएम सदर अभिषेक कुमार गर्ग ने पर्यटन विभाग व एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने बताया कि बाहोट-कसोल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत कार्य योजना पर काम किया जा रहा है। पर्यटकों को जल, थल और वायु से जुड़ी 20 से अधिक एडवेंचर एक्टिविटी का लुत्फ उठाने का यहां मौका मिलेगा। इस क्षेत्र को ग्रामीण पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया जाएगा। यहां मेट्रो सिटी के लोग आकर ग्रामीण जीवन शैली का लुत्फ उठा सकेंगे। इस क्षेत्र को इको टूरिज्म से भी जोड़ा जाएगा। यहां टिकाऊ मछली पकड़ने का पर्यटन स्थल यानी एक्वा टूरिज्म को भी प्रमोट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन की अन्य सभी संभावनाओं को तलाशा जाएगा। कोल डैम में इस क्षेत्र से लेकर तत्तापानी तक क्रूज चलाया जाएगा जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र भी होगा।
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उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भविष्य में हिमाचल के अन्य टूरिज्म क्षेत्रों के अनुरूप विकसित होगा। इस क्षेत्र के लोगों को घर पर ही रोजगार का अवसर मिलेगा। प्रयास है कि बिलासपुर के अधिक से अधिक लोग टूरिज्म गतिविधियों से जुड़ें और जिले में टूरिज्म गतिविधियां बढ़ें। जिला वासियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटन गतिविधियों का लाभ मिले और इस क्षेत्र के लोगों की आमदनी में भी इजाफा हो सके। बताया कि कोल डैम देश के सबसे खूबसूरत वाटर बॉडीज में से एक है। यहां पर साल भर पानी का स्तर बराबर बना रहता है। इससे यहां 12 महीने पर्यटन गतिविधियां कर पाना संभव है।
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