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फोरलेन के निर्माण के दौरान विभिन्न गांव की आंतरिक सड़कें हुई खस्ताहाल
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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन यूनियन ने अध्यक्ष जितेंद्र चंदेल और महासचिव विवेक कुमार के साथ लगभग 14 पंचायतों के लोगों का प्रतिनधिमंडल बिलासपुर उपायुक्त राजेश्वर गोयल से मिला और उन्हें अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कीरतपुर-नेरचौक निर्माणाधीन फ ोरलेन के कार्य के चलते बहुत से लोगों की जमीन का अधिग्रहण राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की ओर से वर्ष 2013 में किया गया था। वर्ष 2013 से 2017 तक फोरलेन का कार्य चलता रहा। लेकिन फोरलेन के निर्माण के दौरान विभिन्न गांव की आंतरिक सड़कें जो राष्ट्रीय मार्ग के साथ लगती थी उखाड़ दी गईं।
वर्ष 2017 में यह कार्य बंद होने के कारण जिला के विभिन्न गांव की आंतरिक सड़कों की हालत जर्जर और दयनीय हो गई है। इसके चलते स्थानीय लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर फोरलेन निर्माण के चलते कंपनी द्वारा अपने कार्य के लिए पानी भंडारण के लिए खुले टैंक बनाए थे। जिसमें आज तक पानी भरा पड़ा है।
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प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 7 जुलाई 2019 को ग्राम पंचायत मल्यावर में आयोजित जन मंच कार्यक्रम में भी यह मुद्दा उठाया गया था। उस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया था कि एक माह के भीतर इन सड़कों की उचित मरम्मत करवाई जाएगी। परंतु एक वर्ष बीतने के बाद भी कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
उन्होंने मांग की है कि जिन सड़कों की हालत जर्जर हो गई है उनकी मरम्मत करवाई जाए। वहीं जो पानी के टैंक है उनको साफ करवाया जाए। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, बबलू कुमार, इंदर सिंह, प्रीतम सिंह, रमेश चंदेल, विजय सिंह, करण, देवराज, निर्मला राजपूत, राम प्रकाश, मेहर चंद, मधुपाल, विनीत कुमार, जगदीश चंदेल, धर्म सिंह, कुलदीप चंदेल, शीला देवी आदि मौजूद रहे।
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प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कीरतपुर-नेरचौक निर्माणाधीन फ ोरलेन के कार्य के चलते बहुत से लोगों की जमीन का अधिग्रहण राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की ओर से वर्ष 2013 में किया गया था। वर्ष 2013 से 2017 तक फोरलेन का कार्य चलता रहा। लेकिन फोरलेन के निर्माण के दौरान विभिन्न गांव की आंतरिक सड़कें जो राष्ट्रीय मार्ग के साथ लगती थी उखाड़ दी गईं।
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वर्ष 2017 में यह कार्य बंद होने के कारण जिला के विभिन्न गांव की आंतरिक सड़कों की हालत जर्जर और दयनीय हो गई है। इसके चलते स्थानीय लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर फोरलेन निर्माण के चलते कंपनी द्वारा अपने कार्य के लिए पानी भंडारण के लिए खुले टैंक बनाए थे। जिसमें आज तक पानी भरा पड़ा है।
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प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 7 जुलाई 2019 को ग्राम पंचायत मल्यावर में आयोजित जन मंच कार्यक्रम में भी यह मुद्दा उठाया गया था। उस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया था कि एक माह के भीतर इन सड़कों की उचित मरम्मत करवाई जाएगी। परंतु एक वर्ष बीतने के बाद भी कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
उन्होंने मांग की है कि जिन सड़कों की हालत जर्जर हो गई है उनकी मरम्मत करवाई जाए। वहीं जो पानी के टैंक है उनको साफ करवाया जाए। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, बबलू कुमार, इंदर सिंह, प्रीतम सिंह, रमेश चंदेल, विजय सिंह, करण, देवराज, निर्मला राजपूत, राम प्रकाश, मेहर चंद, मधुपाल, विनीत कुमार, जगदीश चंदेल, धर्म सिंह, कुलदीप चंदेल, शीला देवी आदि मौजूद रहे।