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Bilaspur News: बिलासपुर कॉलेज में महिला स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर के जेंडर इक्विटी सेल की ओर से महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. वंशिका मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं को महिलाओं में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके जोखिम कारकों और बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसर जैसे गर्भाशय ग्रीवा कैंसर और स्तन कैंसर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इन बीमारियों के शुरुआती लक्षणों की पहचान, नियमित जांच की तकनीकों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर जांच से इन बीमारियों का इलाज संभव है। इसके साथ ही उन्होंने डायबिटीज, पीसीओएस और पीएमओएस जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के कारण होने वाली जटिलताओं पर भी चर्चा की। डॉ. वंशिका ने बताया कि अनियमित दिनचर्या, गलत खान-पान और तनाव इन बीमारियों के मुख्य कारण हैं। छात्राओं ने लक्षणों की पहचान और रोकथाम के उपायों को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका डॉ. वंशिका ने विस्तार से जवाब दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. पीएस कटवाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए ताकि हमारी बच्चियों का स्वास्थ्य ठीक रहे और वह देश के विकास में अपना पूर्ण योगदान दे सकें।
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बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर के जेंडर इक्विटी सेल की ओर से महिला स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. वंशिका मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं को महिलाओं में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके जोखिम कारकों और बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसर जैसे गर्भाशय ग्रीवा कैंसर और स्तन कैंसर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इन बीमारियों के शुरुआती लक्षणों की पहचान, नियमित जांच की तकनीकों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर जांच से इन बीमारियों का इलाज संभव है। इसके साथ ही उन्होंने डायबिटीज, पीसीओएस और पीएमओएस जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के कारण होने वाली जटिलताओं पर भी चर्चा की। डॉ. वंशिका ने बताया कि अनियमित दिनचर्या, गलत खान-पान और तनाव इन बीमारियों के मुख्य कारण हैं। छात्राओं ने लक्षणों की पहचान और रोकथाम के उपायों को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका डॉ. वंशिका ने विस्तार से जवाब दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. पीएस कटवाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए ताकि हमारी बच्चियों का स्वास्थ्य ठीक रहे और वह देश के विकास में अपना पूर्ण योगदान दे सकें।
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