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Bilaspur News: खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बिलासपुर के खिलाड़ियों ने 16 पदक जीते
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एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नौ स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य पदक पर किया कब्जा
गुनगुन और सुदीक्षा ने बनाए नए रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बिलासपुर के खिलाड़ियों ने 67वीं अंडर-19 लड़के एवं लड़कियों की हिमाचल प्रदेश राज्यस्तरीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। धर्मशाला में 26 से 28 अक्तूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में केंद्र के 21 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इनमें 11 लड़कियां और 10 लड़के शामिल रहे। मुख्य प्रशिक्षक गोपाल बरवाल के नेतृत्व में खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इनमें नौ स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। प्रतियोगिता में लड़कियों ने छह स्वर्ण, पांच रजत और एक कांस्य पदक जीता, जबकि लड़कों ने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया। गुनगुन और सुदीक्षा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश के नए रिकॉर्ड बनाए। प्रशिक्षण के शुरुआती दो वर्षों में ही केंद्र के खिलाड़ियों ने प्रदेश के सभी 12 जिलों और दो खेल छात्रावासों के खिलाड़ियों के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई।
लड़कियों की स्पर्धाओं में गुनगुन ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ऊंची कूद में 1.52 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और हिमाचल प्रदेश का नया रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा 200 मीटर दौड़ में 26.31 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण और चार गुणा 100 मीटर रिले में रजत पदक जीतने वाली टीमों में भी योगदान दिया। इस तरह गुनगुन ने दो व्यक्तिगत स्वर्ण सहित कुल चार पदक जीते। सुदीक्षा ने 800 मीटर दौड़ में दो मिनट 22 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता और नया प्रदेश रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 1500 मीटर दौड़ में पांच मिनट सात सेकंड का समय लेकर दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा वह चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहीं। उन्होंने कुल तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
आरुषि ने लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीता। वह चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण और चार गुणा 100 मीटर रिले में रजत पदक जीतने वाली टीमों में भी शामिल रहीं। राधिका ने 1500 और 3000 मीटर दौड़ में दो रजत पदक हासिल किए। उन्होंने चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में भी योगदान दिया।
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मुस्कान ने 200 मीटर दौड़ में रजत और 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। इसके अलावा उन्होंने चार गुणा 100 मीटर रिले में रजत पदक हासिल किया। मानशी ने चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में योगदान दिया। लड़कियों ने कुल 12 पदक जीतकर केंद्र का नाम रोशन किया।
दीपांशु ने लंबी और तिहरी कूद में जीते स्वर्ण
लड़कों की स्पर्धाओं में दीपांशु ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने लंबी कूद में 6.56 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और नया प्रदेश रिकॉर्ड बनाया। तिहरी कूद में 13.40 मीटर का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया और प्रदेश का नया रिकॉर्ड बनाया। चार गुणा 400 मीटर रिले में दीपांशु, इंद्रजीत, शिवांश और ओम ठाकुर की टीम ने रजत पदक जीता। लड़कों ने प्रतियोगिता में कुल तीन स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किया।
प्रशिक्षकों और सहयोगी टीम का रहा योगदान
केंद्र की इस उपलब्धि में बुनियादी विकास प्रशिक्षक, शक्ति एवं अनुकूलन प्रशिक्षक, उच्च प्रदर्शन प्रबंधक और पोषण विशेषज्ञ की अहम भूमिका रही। खिलाड़ियों की तैयारी में प्रशिक्षकों और सहयोगी विशेषज्ञों ने हरसंभव सहयोग दिया। छात्रावास प्रभारी और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों के योगदान को भी सराहनीय बताया गया।
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गुनगुन और सुदीक्षा ने बनाए नए रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बिलासपुर के खिलाड़ियों ने 67वीं अंडर-19 लड़के एवं लड़कियों की हिमाचल प्रदेश राज्यस्तरीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। धर्मशाला में 26 से 28 अक्तूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में केंद्र के 21 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इनमें 11 लड़कियां और 10 लड़के शामिल रहे। मुख्य प्रशिक्षक गोपाल बरवाल के नेतृत्व में खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इनमें नौ स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। प्रतियोगिता में लड़कियों ने छह स्वर्ण, पांच रजत और एक कांस्य पदक जीता, जबकि लड़कों ने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया। गुनगुन और सुदीक्षा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हिमाचल प्रदेश के नए रिकॉर्ड बनाए। प्रशिक्षण के शुरुआती दो वर्षों में ही केंद्र के खिलाड़ियों ने प्रदेश के सभी 12 जिलों और दो खेल छात्रावासों के खिलाड़ियों के बीच अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई।
लड़कियों की स्पर्धाओं में गुनगुन ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ऊंची कूद में 1.52 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और हिमाचल प्रदेश का नया रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा 200 मीटर दौड़ में 26.31 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण और चार गुणा 100 मीटर रिले में रजत पदक जीतने वाली टीमों में भी योगदान दिया। इस तरह गुनगुन ने दो व्यक्तिगत स्वर्ण सहित कुल चार पदक जीते। सुदीक्षा ने 800 मीटर दौड़ में दो मिनट 22 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता और नया प्रदेश रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 1500 मीटर दौड़ में पांच मिनट सात सेकंड का समय लेकर दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा वह चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहीं। उन्होंने कुल तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
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आरुषि ने लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीता। वह चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण और चार गुणा 100 मीटर रिले में रजत पदक जीतने वाली टीमों में भी शामिल रहीं। राधिका ने 1500 और 3000 मीटर दौड़ में दो रजत पदक हासिल किए। उन्होंने चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में भी योगदान दिया।
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मुस्कान ने 200 मीटर दौड़ में रजत और 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। इसके अलावा उन्होंने चार गुणा 100 मीटर रिले में रजत पदक हासिल किया। मानशी ने चार गुणा 400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में योगदान दिया। लड़कियों ने कुल 12 पदक जीतकर केंद्र का नाम रोशन किया।
दीपांशु ने लंबी और तिहरी कूद में जीते स्वर्ण
लड़कों की स्पर्धाओं में दीपांशु ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने लंबी कूद में 6.56 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और नया प्रदेश रिकॉर्ड बनाया। तिहरी कूद में 13.40 मीटर का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया और प्रदेश का नया रिकॉर्ड बनाया। चार गुणा 400 मीटर रिले में दीपांशु, इंद्रजीत, शिवांश और ओम ठाकुर की टीम ने रजत पदक जीता। लड़कों ने प्रतियोगिता में कुल तीन स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किया।
प्रशिक्षकों और सहयोगी टीम का रहा योगदान
केंद्र की इस उपलब्धि में बुनियादी विकास प्रशिक्षक, शक्ति एवं अनुकूलन प्रशिक्षक, उच्च प्रदर्शन प्रबंधक और पोषण विशेषज्ञ की अहम भूमिका रही। खिलाड़ियों की तैयारी में प्रशिक्षकों और सहयोगी विशेषज्ञों ने हरसंभव सहयोग दिया। छात्रावास प्रभारी और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों के योगदान को भी सराहनीय बताया गया।