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Bilaspur News: मांगें नहीं मानीं तो फरवरी-मार्च में आंदोलन करेंगी आशा कार्यकर्ता
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झंडूता के सुन्हाणी में आयोजित खंड स्तरीय आशा कार्यकर्ता संघ की बैठक में मौजूद सदस्य। स्रोत: संघ
सुन्हाणी में खंड स्तरीय बैठक में उठाई मांगें,न्यूनतम मानदेय 26 हजार की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के सुन्हाणी में शनिवार को खंड स्तरीय आशा कार्यकर्ता संघ की ओर से एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशाध्यक्ष आशा कार्यकर्ता संघ हिमाचल प्रदेश अमी चंद ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। बैठक में झंडूता खंड की करीब 100 आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रदेश पदाधिकारियों के समक्ष रखीं। प्रदेशाध्यक्ष अमी चंद ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर मांग पत्र तैयार किया जा रहा है। प्रदेशभर में खंड स्तर पर बैठकें कर कार्यकर्ताओं की समस्याएं दर्ज की जा रही हैं। इसके बाद संयुक्त मांग पत्र सरकार को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो फरवरी-मार्च में प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा देने और मासिक आय बढ़ाकर 25 से 30 हजार रुपये करने की मांग उठाई।
खंड अध्यक्ष निशा कुमारी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने जोखिम उठाकर घर-घर जाकर सेवाएं दीं। वर्तमान में उनसे आठ से नौ अलग-अलग एप पर काम लेने के साथ अतिरिक्त विभागीय कार्य भी करवाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ठोस नीति बनने तक न्यूनतम मानदेय 26 हजार रुपये किया जाए और कार्यक्षेत्र से बाहर के अतिरिक्त कार्यों का बोझ कम किया जाए।
उन्होंने मोबाइल रिचार्ज राशि 200 से बढ़ाकर 400 रुपये करने तथा टीबी मरीजों के सैंपल लेते समय सुरक्षा के लिए ग्लव्ज उपलब्ध करवाने की मांग भी की। निशा कुमारी ने चेताया कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आशा कार्यकर्ता आंदोलन के लिए मजबूर होंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के सुन्हाणी में शनिवार को खंड स्तरीय आशा कार्यकर्ता संघ की ओर से एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेशाध्यक्ष आशा कार्यकर्ता संघ हिमाचल प्रदेश अमी चंद ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। बैठक में झंडूता खंड की करीब 100 आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रदेश पदाधिकारियों के समक्ष रखीं। प्रदेशाध्यक्ष अमी चंद ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को लेकर मांग पत्र तैयार किया जा रहा है। प्रदेशभर में खंड स्तर पर बैठकें कर कार्यकर्ताओं की समस्याएं दर्ज की जा रही हैं। इसके बाद संयुक्त मांग पत्र सरकार को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो फरवरी-मार्च में प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा देने और मासिक आय बढ़ाकर 25 से 30 हजार रुपये करने की मांग उठाई।
खंड अध्यक्ष निशा कुमारी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने जोखिम उठाकर घर-घर जाकर सेवाएं दीं। वर्तमान में उनसे आठ से नौ अलग-अलग एप पर काम लेने के साथ अतिरिक्त विभागीय कार्य भी करवाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ठोस नीति बनने तक न्यूनतम मानदेय 26 हजार रुपये किया जाए और कार्यक्षेत्र से बाहर के अतिरिक्त कार्यों का बोझ कम किया जाए।
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उन्होंने मोबाइल रिचार्ज राशि 200 से बढ़ाकर 400 रुपये करने तथा टीबी मरीजों के सैंपल लेते समय सुरक्षा के लिए ग्लव्ज उपलब्ध करवाने की मांग भी की। निशा कुमारी ने चेताया कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आशा कार्यकर्ता आंदोलन के लिए मजबूर होंगी।
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