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Bilaspur News: बारिश होते ही खेतों में छाई हरियाली, किसानों के चेहरे पर लौटी खुशी
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बिलासपुर के भगेड़ में खेत में दवाई का छिड़काव करता किसान। संवाद
- फोटो : BILASPUR
भगेड़ (बिलासपुर)। जिले में बारिश होने के साथ खेतों में हरियाली छा गई है और किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। बारिश होने के बाद अब वे फसलों में दवाई और खाद डालने में जुट गए हैं। लंबे समय से बारिश न होने से गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता था, लेकिन अब बारिश होने से कुछ हद तक किसानों को नुकसान से राहत मिलेगी।
जिले में करीब चार माह बाद बारिश हुई है। जिले भर में किसान फसल बीजने के बाद लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। लंबी आस के बाद अब जब बारिश हुई तो किसानों को फसल ठीक होने की उम्मीद बंधी है। पलथी गांव के किसान गुरुदेव कौशल ने बताया कि फसलों में किसी प्रकार का रोग न लगे, इसके लिए पहले ही दवाई का छिड़काव करना शुरू कर दिया है। दिसंबर और जनवरी में बारिश होती थी लेकिन इस बार सूखा पड़ने से फसल की उम्मीद किसानों ने छोड़ दी थी।
लेकिन बारिश होने से फसल में सुधार हो गया है। औहर क्षेत्र के प्रगतिशील किसान जगत राम शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के किसान फसल के लिए मुख्य रूप से बारिश पर ही निर्भर रहते हैं। इस बार बारिश की देरी की वजह से किसानों में मायूसी थी, लेकिन अब किसानों में एक उम्मीद की किरण जागी है। उन्होंने कृषि विभाग से क्षेत्र के किसानों को नगदी फसल पैदा करने के लिए प्रेरित करने के लिए कार्यक्त्रस्म चलाने का आग्रह किया।
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छिब्बर गांव में जायका कृषि कार्यक्त्रस्म के अंतर्गत गठित समिति के प्रधान प्रकाश चंद शर्मा ने बताया कि बारिश होने से किसानों के चेहरे पर उम्मीद की किरण तो जगी है, वहीं दूसरी ओर जंगली जानवर नीलगाय, सूअरों और आवारा पशुओं से फसल पहले की तरह पूर्ण रूप से बर्बाद होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से किसानों की फसल बर्बाद होने से बचाने के लिए ठोस कदम उठाया जाए।
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जिले में करीब चार माह बाद बारिश हुई है। जिले भर में किसान फसल बीजने के बाद लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। लंबी आस के बाद अब जब बारिश हुई तो किसानों को फसल ठीक होने की उम्मीद बंधी है। पलथी गांव के किसान गुरुदेव कौशल ने बताया कि फसलों में किसी प्रकार का रोग न लगे, इसके लिए पहले ही दवाई का छिड़काव करना शुरू कर दिया है। दिसंबर और जनवरी में बारिश होती थी लेकिन इस बार सूखा पड़ने से फसल की उम्मीद किसानों ने छोड़ दी थी।
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लेकिन बारिश होने से फसल में सुधार हो गया है। औहर क्षेत्र के प्रगतिशील किसान जगत राम शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के किसान फसल के लिए मुख्य रूप से बारिश पर ही निर्भर रहते हैं। इस बार बारिश की देरी की वजह से किसानों में मायूसी थी, लेकिन अब किसानों में एक उम्मीद की किरण जागी है। उन्होंने कृषि विभाग से क्षेत्र के किसानों को नगदी फसल पैदा करने के लिए प्रेरित करने के लिए कार्यक्त्रस्म चलाने का आग्रह किया।
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छिब्बर गांव में जायका कृषि कार्यक्त्रस्म के अंतर्गत गठित समिति के प्रधान प्रकाश चंद शर्मा ने बताया कि बारिश होने से किसानों के चेहरे पर उम्मीद की किरण तो जगी है, वहीं दूसरी ओर जंगली जानवर नीलगाय, सूअरों और आवारा पशुओं से फसल पहले की तरह पूर्ण रूप से बर्बाद होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से किसानों की फसल बर्बाद होने से बचाने के लिए ठोस कदम उठाया जाए।