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बैहरन गांव से ताल्लुक रखने वाली अंकिता ठाकुर बनी सेना में लेफ्टिनेंट

Fri, 04 Jun 2021 10:58 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 10:58 PM IST
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Ankita and Nayanadevi of Behran
सेना में लेफ्टिनेंट बनी झंडूता की अंकिता ठाकुर अपने परिवार के साथ। - फोटो : BILASPUR
झंडूता/ श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल की बैहना ब्राह्मणा पंचायत के जंगल बैहरन गांव निवासी अंकिता ठाकुर ने सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अंकिता ठाकुर ने एमएनएस कॉलेज नालागढ़ से बीएससी नर्सिंग किया है।
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अंकिता ने अपनी कामयाबी हासिल कर श्रेय अपने माता-पिता एवं शिक्षकों को दिया है।
मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली अंकिता ने12वीं की पढ़ाई शहीद अश्विनी कुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झंडूता से की है। झंडूता क्षेत्रवासियों एवं उसके गांव वालों ने अंकिता को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
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उन्होंने कहा कि अंकिता इस क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। अंकिता की शादी हमीरपुर जिले के समैला गांव में 2020 में हुई थी। अपनी सफलता का श्रेय पति, सास-ससुर एवं ननद और माता पिता को श्रेय दिया है। कहा कि सास ससुर ने उसे पढ़ाई करने का समय दिया एवं उसका समय-समय पर मार्गदर्शन भी किया।
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वहीं, श्री नयनादेवी के अमोल गौतम ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। जानकारी के अनुसार नयनादेवी के अमोल गौतम ने नेशनल डिफेंस अकादमी खड़गवासला, पुणे महाराष्ट्र से 3 साल का प्रशिक्षण लेकर 29 मई को पासिंग आउट परेड के उपरांत पद संभाला है। बता दें कि अमोल के पिता उमेश गौतम मां नयनादेवी के पुजारी हैं तथा पेशेवर वकील हैं। वह रूपनगर में वकालत करते हैं। जबकि माता मीना गौतम गृहिणी हैं। अमोल की छोटी बहन 12वीं कक्षा में पढ़ रही हैं।

उमेश गौतम ने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही पढ़ने में अव्वल रहा है। उसने 10वीं कक्षा की पढ़ाई माउंट कार्मल स्कूल जिंदबड़ी और 12वीं कक्षा की पढ़ाई मोहाली से की। इसके बाद नेशनल डिफेंस अकादमी खड़गवासला पुणे महाराष्ट्र से 3 साल का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने बताया कि अमोल बचपन से ही भारतीय फौज में जाना चाहता था। उमेश गौतम ने बताया कि कोरोना के कारण 2 वर्ष से बेटे से बात नहीं हो पाई और उसकी पासिंग आउट परेड में भी कोरोना के कारण नहीं जा सके। उन्होंने बताया कि बेटे की इस सफलता पर उन्हें गर्व है।
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