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Bilaspur News: गोबिंद सागर झील के साथ सीर खड्ड से भी हटेगी गाद
Sun, 01 Mar 2026 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:30 PM IST
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गोबिंद सागर झील। संवाद
एक्सक्लूसिव
लुहणू में 75 करोड़ का पायलट प्रोजेक्ट, सीर खड्ड का टेंडर भी अगले कुछ दिनों में
सालाना 4-5 एमसीएम गाद निकलेगी, 30 एमसीएम तक हर साल हो रहा है जमाव
1680 फीट लेवल से नीचे होगा कार्य, जलाशय की लाइफ कैपेसिटी बढ़ाने पर फोकस
रेवेन्यू मोड पर योजना, ठेकेदार गाद का कहीं भी कर सकेगा व्यावसायिक उपयोग
सरोज पाठक
बिलासपुर। गोबिंद सागर झील में वर्षों से जमा हो रही गाद के कारण घटती जलधारण क्षमता को देखते हुए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने झील के साथ सीर खड्ड में भी गाद हटाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया है।
झील के लुहणू मैदान क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा चुका है, जबकि सीर खड्ड में भी एक-दो दिन में टेंडर जारी होने की संभावना है। दोनों परियोजनाएं पायलट आधार पर शुरू की जा रही हैं, ताकि भविष्य में बड़े स्तर पर व्यापक योजना लागू की जा सके। गोबिंद सागर झील में हर वर्ष औसतन करीब 30 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) तक नई गाद जमा हो जाती है। सतलुज नदी और आसपास की खड्डों के माध्यम से आने वाली गाद झील में जमा होती रहती है। वर्तमान पायलट प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल सालाना 4 से 5 एमसीएम गाद निकालने का लक्ष्य रखा गया है। यह कुल जमा गाद की तुलना में कम है, लेकिन इसे शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। सिल्ट बहुत है, डिपॉजिट बहुत पड़े हुए हैं। किसी एक मोड से शुरुआत हो जाए, तो आगे अलग-अलग मोड से भी उठाया जाएगा। बीबीएमबी ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना रेवेन्यू मोड पर आधारित है। जब टेंडर मैच्योर हो जाएगा, जो भी ठेकेदार गाद उठाएगा, वह उसे कहीं भी उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होगा। यह पूरी तरह कॉमर्शियल मोड पर है। ठेकेदार खुद तय करेगा कि गाद कहां भेजनी है और किस उपयोग में लानी है। हालांकि बीबीएमबी केंद्र सरकार के साथ भी इस परियोजना को लेकर संपर्क में है। योजना है कि झील से निकलने वाली गाद एनएचएआई हाईवे बनाने में भी उपयोग कर सकती है। लेकिन फिलहाल ऐसा कोई औपचारिक निर्णय नहीं है। प्रबंधन का कहना है कि अगर आगे से कोई मांग आती है तो वह अलग विषय होगा, लेकिन अभी ऐसी कोई व्यवस्था तय नहीं है।
बता दें कि गाद हटाने का कार्य जलाशय के 1680 फीट लेवल से नीचे ही किया जाएगा। 1700 फीट तक की भूमि बीबीएमबी के अधिग्रहण में है। 1680 फीट से नीचे जमा सेडीमेंट जलाशय की लाइफ कैपेसिटी का हिस्सा है।
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नीचे जमी गाद हटाने से जल संग्रहण क्षमता और जलाशय की उपयोगी आयु बढ़ाने का उद्देश्य है। 1680 फीट लेवल से नीचे-नीचे से ही सेडीमेंट उठाना है, ऊपर से नहीं। जहां-जहां स्थल सुलभ हैं और मशीनरी पहुंच सकती है, वहीं से कार्य कराया जाएगा। संवाद
इनसेट
लुहणू मैदान में 75 करोड़ का टेंडर
झील के लुहणू मैदान क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये का पायलट टेंडर जारी किया गया है। यह झील के मुख्य हिस्से में गाद हटाने का पहला संगठित प्रयास होगा। अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए शुरू की गई है। इसके परिणामों के आधार पर भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।
इनसेट
सीर खड्ड में भी समानांतर पायलट योजना
झील के साथ-साथ सीर खड्ड में भी गाद हटाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। सीर खड्ड जहां भी गोबिंद सागर में मिलती है, वहां पर यह प्रोजेक्ट शुरू होगा। सीर खड्ड में भी सेडीमेंट काफी मात्रा में जमा है। सीर खड्ड का टेंडर सोमवार या मंगलवार तक जारी हो सकता है। यह भी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगा। लागत का अंतिम आकलन जारी है।
इनसेट
गाद हटाने का लाभ
खड्ड और झील दोनों स्थानों पर नीचे जमी गाद हटाकर जलाशय की लाइफ कैपेसिटी बढ़ाना ही मुख्य उद्देश्य है। इससे।झील की गहराई में सुधार होगा, जलधारण क्षमता में वृद्धि होगी, जलाशय की उपयोगी आयु में विस्तार होगा।
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लुहणू में 75 करोड़ का पायलट प्रोजेक्ट, सीर खड्ड का टेंडर भी अगले कुछ दिनों में
सालाना 4-5 एमसीएम गाद निकलेगी, 30 एमसीएम तक हर साल हो रहा है जमाव
1680 फीट लेवल से नीचे होगा कार्य, जलाशय की लाइफ कैपेसिटी बढ़ाने पर फोकस
रेवेन्यू मोड पर योजना, ठेकेदार गाद का कहीं भी कर सकेगा व्यावसायिक उपयोग
सरोज पाठक
बिलासपुर। गोबिंद सागर झील में वर्षों से जमा हो रही गाद के कारण घटती जलधारण क्षमता को देखते हुए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने झील के साथ सीर खड्ड में भी गाद हटाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया है।
झील के लुहणू मैदान क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा चुका है, जबकि सीर खड्ड में भी एक-दो दिन में टेंडर जारी होने की संभावना है। दोनों परियोजनाएं पायलट आधार पर शुरू की जा रही हैं, ताकि भविष्य में बड़े स्तर पर व्यापक योजना लागू की जा सके। गोबिंद सागर झील में हर वर्ष औसतन करीब 30 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) तक नई गाद जमा हो जाती है। सतलुज नदी और आसपास की खड्डों के माध्यम से आने वाली गाद झील में जमा होती रहती है। वर्तमान पायलट प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल सालाना 4 से 5 एमसीएम गाद निकालने का लक्ष्य रखा गया है। यह कुल जमा गाद की तुलना में कम है, लेकिन इसे शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। सिल्ट बहुत है, डिपॉजिट बहुत पड़े हुए हैं। किसी एक मोड से शुरुआत हो जाए, तो आगे अलग-अलग मोड से भी उठाया जाएगा। बीबीएमबी ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना रेवेन्यू मोड पर आधारित है। जब टेंडर मैच्योर हो जाएगा, जो भी ठेकेदार गाद उठाएगा, वह उसे कहीं भी उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होगा। यह पूरी तरह कॉमर्शियल मोड पर है। ठेकेदार खुद तय करेगा कि गाद कहां भेजनी है और किस उपयोग में लानी है। हालांकि बीबीएमबी केंद्र सरकार के साथ भी इस परियोजना को लेकर संपर्क में है। योजना है कि झील से निकलने वाली गाद एनएचएआई हाईवे बनाने में भी उपयोग कर सकती है। लेकिन फिलहाल ऐसा कोई औपचारिक निर्णय नहीं है। प्रबंधन का कहना है कि अगर आगे से कोई मांग आती है तो वह अलग विषय होगा, लेकिन अभी ऐसी कोई व्यवस्था तय नहीं है।
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बता दें कि गाद हटाने का कार्य जलाशय के 1680 फीट लेवल से नीचे ही किया जाएगा। 1700 फीट तक की भूमि बीबीएमबी के अधिग्रहण में है। 1680 फीट से नीचे जमा सेडीमेंट जलाशय की लाइफ कैपेसिटी का हिस्सा है।
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नीचे जमी गाद हटाने से जल संग्रहण क्षमता और जलाशय की उपयोगी आयु बढ़ाने का उद्देश्य है। 1680 फीट लेवल से नीचे-नीचे से ही सेडीमेंट उठाना है, ऊपर से नहीं। जहां-जहां स्थल सुलभ हैं और मशीनरी पहुंच सकती है, वहीं से कार्य कराया जाएगा। संवाद
इनसेट
लुहणू मैदान में 75 करोड़ का टेंडर
झील के लुहणू मैदान क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये का पायलट टेंडर जारी किया गया है। यह झील के मुख्य हिस्से में गाद हटाने का पहला संगठित प्रयास होगा। अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए शुरू की गई है। इसके परिणामों के आधार पर भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।
इनसेट
सीर खड्ड में भी समानांतर पायलट योजना
झील के साथ-साथ सीर खड्ड में भी गाद हटाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। सीर खड्ड जहां भी गोबिंद सागर में मिलती है, वहां पर यह प्रोजेक्ट शुरू होगा। सीर खड्ड में भी सेडीमेंट काफी मात्रा में जमा है। सीर खड्ड का टेंडर सोमवार या मंगलवार तक जारी हो सकता है। यह भी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगा। लागत का अंतिम आकलन जारी है।
इनसेट
गाद हटाने का लाभ
खड्ड और झील दोनों स्थानों पर नीचे जमी गाद हटाकर जलाशय की लाइफ कैपेसिटी बढ़ाना ही मुख्य उद्देश्य है। इससे।झील की गहराई में सुधार होगा, जलधारण क्षमता में वृद्धि होगी, जलाशय की उपयोगी आयु में विस्तार होगा।