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Himachal News: एम्स बिलासपुर में जल्द शुरू होगी पेल्विस सर्जरी सुविधा, गंभीर ट्रॉमा मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
Wed, 10 Jun 2026 12:09 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 10 Jun 2026 12:09 PM IST
सार
बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में जल्द आधुनिक पेल्विस इंस्ट्रूमेंट की सुविधा शुरू होने जा रही है। इससे सड़क दुर्घटना और गंभीर ट्रॉमा के मरीजों के पेल्विक फ्रैक्चर का उपचार संस्थान में ही संभव होगा। नई तकनीक से सर्जरी अधिक सुरक्षित, सटीक और तेजी से रिकवरी वाली होगी।
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एम्स बिलासपुर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
प्रदेश और आसपास के राज्यों से बिलासपुर एम्स आने वाले गंभीर ट्रॉमा और एक्सीडेंट के मरीजों के लिए राहत की खबर है। संस्थान के हड्डी रोग विभाग में जल्द ही बेहद आधुनिक पेल्विस इंस्ट्रूमेंट की सुविधा शुरू होने जा रही है। इस एडवांस सर्जिकल टूलकिट के आने से अब कूल्हे, कमर और पेल्विक बोन के जटिल से जटिल फ्रैक्चर का इलाज एम्स में ही संभव हो सकेगा। इसके लिए एम्स प्रशासन ने आधुनिक उपकरण को अस्पताल के बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस आधुनिक सुविधा का सबसे बड़ा फायदा सड़क हादसों या ऊंचाई से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों को मिलेगा।
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अभी तक पेल्विक फ्रैक्चर के मामलों में ब्लीडिंग और जटिलता इतनी ज्यादा होती थी कि मरीजों को तुरंत चंडीगढ़ पीजीआई या दिल्ली रेफर करना पड़ता था, या फिर मरीजों को मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। इस सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को बिलासपुर में ही विश्व स्तरीय और सुरक्षित इलाज मिल सकेगा। ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों के अनुसार, पेल्विस इंस्ट्रूमेंट दरअसल एक विशेष और हाई-टेक सर्जिकल किट है। इसकी मदद से डॉक्टर टूटी हुई पेल्विक हड्डी को बिल्कुल सटीक एलाइनमेंट में लाकर फिक्स कर सकते हैं। ऑपरेशन के दौरान विशेष टूल्स, स्क्रू और प्लेट्स की मदद से हड्डी को इतनी मजबूती से जोड़ा जाता है कि मरीज के गलत हड्डी जुड़ने या जीवनभर के लंगड़ेपन का खतरा खत्म हो जाता है।
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पारंपरिक ऑपरेशनों की तुलना में इस आधुनिक तकनीक से होने वाली सर्जरी के बाद मरीज को हफ्तों तक बिस्तर पर नहीं रहना पड़ेगा। सटीक फिक्सेशन के कारण पोस्ट-ऑपरेटिव दर्द बेहद कम होता है और मरीज की रिकवरी तेजी से होती है, जिससे वह जल्द से जल्द अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। एम्स प्रशासन ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि मशीनरी में खराबी के कारण कभी किसी मरीज का आपातकालीन ऑपरेशन न रुके।