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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर में मरीजों का दबाव, अब एडवांस ट्रामा सेंटर की जरूरत

Sun, 05 Oct 2025 06:23 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 05 Oct 2025 06:23 PM IST
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AIIMS Bilaspur is under pressure of patients, now there is a need for an advanced trauma center
हमीरपुर, मंडी और टांडा मेडिकल कॉलेज से मरीज सीधे एम्स में हो रहे रेफर
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मरीजों के लिए कम पड़ रहे आपातकालीन ओपीडी के बिस्तर

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर की आपातकालीन ओपीडी में रोजाना 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि यहां केवल 30 मरीजों के लिए व्यवस्था है। इस वजह से आपातकालीन सेवाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और एडवांस ट्रामा सेंटर की जरूरत बढ़ने लगी है।
प्रदेश के हमीरपुर और मंडी मेडिकल कॉलेजों से हर दिन लगभग 30 से ज्यादा मरीज रेफर होकर सीधे एम्स बिलासपुर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा टांडा से भी महीने में 5 से अधिक मरीज रेफर होकर एम्स में इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें पेट दर्द, प्वाइजनिंग, स्नेक बाइट जैसी सामान्य शिकायत वाले मरीज भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, नियम से जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में मरीजों का प्राथमिक इलाज होना चाहिए और केवल गंभीर स्थिति में ही उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थान भेजा जाना चाहिए। लेकिन एम्स शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेज से मरीजों का रेफरल आम हो गया है। इस वजह से गंभीर मरीजों को आपातकालीन सेवाओं में समय पर इलाज मिलने में परेशानी हो रही है।
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वहीं, इस सबका दुष्प्रभाव एम्स की आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ रहा है। मरीज ज्यादा और सुविधाएं कम, इससे यहां पहुंचने पर भी मरीज को एम्स स्तर की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। बताते चलें कि इस बात की जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा तक भी पहुंची है। उन्होंने एम्स की आपात सेवाओं में सुधार लाने के लिए प्रबंधन को कड़े निर्देश भी जारी किए हैं। हाल ही में बिलासपुर दौरे पर आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि एडवांस ट्रामा सेंटर बनाने की कवायद शुरू हो गई है और इसका निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा। करीब 350 करोड़ से बनने वाले इस एडवांस ट्रामा सेंटर बनने से न केवल रेफरल मरीजों का दबाव कम होगा, बल्कि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि एम्स गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं के लिए जाना जाता है। बिलासपुर एम्स भी उसी आधार पर काम करेगा,ताकि प्रदेश ही नहीं, पड़ोसी राज्य के लोगों को भी इसका लाभ मिले।
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